औषधि प्रवर्तन अधिकारियों ने पांच दिन में नए नियमों के बारे में जाना
गाजियाबाद में भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी भेषजसंहिता आयोग में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इसमें 27 प्रतिभागियों ने नए नियमों और गाइडलाइन की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत...

गाजियाबाद। भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी भेषजसंहिता आयोग (पीसीआईएमएच) में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में औषधि प्रवर्तन अधिकारियों, गुणवत्ता नियंत्रण कर्मियों और आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी औषधि निर्माताओं ने नए नियमों और गाइड लाइन की बारीकियों को सीखा। प्रशिक्षण में देशभर के नियामक निकायों, अनुसंधान परिषदों, औषधि उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के कुल 27 प्रतिभागियों ने भाग लिया। पहले और दूसरे दिन तकनीकी सत्र रहा। तीसरा दिन औद्योगिक दौरे का रहा। चौथा दिन औषधीय मानकीकरण और नियामक पहलुओं की बारीकियों को सीखने का रहा। पांचवे और अंतिम दिन एनएबीएल मान्यता, जीएमपी और सिद्ध औषधियों के मानकीकरण पर लेक्चर रहा।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी, राष्ट्रीय जैविक संस्थान की निदेशक डॉ. नीलिमा मिश्रा और एनएबीपी-क्यूसीआई के निदेशक डॉ. पंकज जौहरी उपस्थित रहे। समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी बांटे गए। अंत में आयोग के निदेशक डा. रमन मोहन सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण से दवाओं की गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली को मजबूती मिलेगी।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




