Ghaziabad News: जिले में दो बोयो इनपुट रिसोर्स सेंटर बनेंगे
Ghaziabad News: - इनके बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, आदि तैयार किए जायेंगे - किसान सस्ती दरों पर यहां

Ghaziabad News: गाजियाबाद, मोहित शर्मा। जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को जैविक खेती के लिए आसानी से संसाधन उपलब्ध कराने के लिए दो बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआइआरसी) बनाए जाएंगे। इन पर किसानों को प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न जैविक उत्पाद मुहैया कराए जाएंगे। साथ ही सेंटरों पर बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत समेत अन्य जैविक तैयार किए जाएंगे। किसान इन केंद्र से खेती के लिए जैविक पदार्थ समेत फसलीय बीज सस्ती दरों पर ले सकेंगे。
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
जनपद में प्राकृतिक खेती के दायरे को बढ़ाने के लिए साथ ही प्राकृतिक खेती में किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए दो बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर बनाए जाएंगे। इसके लिए कृषि विभाग को शासन से लक्ष्य मिला है। जिसके बाद कृषि विभाग भूमि का चयन करने में जुट गया है। इन सेंटरों के जनपद में बनने से किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाले जैविक उत्पादों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें सस्ती दरों पर आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे। कृषि उपनिदेशक आशीष कुमार सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग कम से कम करने पर जोर दिया जा रहा है। इसकी को देखते हुए दो सेंटर बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर बनाए जाने है। प्राकृतिक खेती में बीजामृत का प्रयोग बीजों के उपचार के लिए किया जाता है, जबकि जीवामृत और घनजीवामृत का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और फसलों के बेहतर विकास के लिए किया जाता है। बायो इनपुट रिसोर्स सेंटरों पर प्राकृतिक खेती के लिए जरूरी जैविक सामग्री तैयार करने की व्यवस्था होगी। यहां तैयार होने वाले उत्पाद किसानों को बाजार की तुलना में सस्ती दरों पर मिलेंगे। इससे किसानों की खेती की लागत कम होगी। साथ ही उन्हें गुणवत्तापूर्ण जैविक इनपुट भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे।
किसानों को सामग्री की उपलब्धता
किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए एक ही स्थान पर सामग्री मिलेगा-
बायो इनपुट रिसोर्स सेंटरों के शुरू होने के बाद किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जरूरी सामग्री एक ही स्थान पर मिल सकेगी। यहां बीज, जैविक उर्वरक और प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि अभी दूसरों जिलों से किसानों को सामग्री मंगानी पड़ती है जो महंगी होती है। अपने जिले में सेंटर बनने से प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने वाले सभी बीज, जैविक उर्वरक आसानी से एक ही स्थान पर मिल सकेंगे।
कम लागत में अधिक मुनाफा
कम लागत में खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे किसान
बदलते दौर में मिलावटी खाद्य सामग्रियों को देखते हुए लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्रियों की तलाश रहती है। ऐसे में प्राकृतिक खेती से लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। वहीं किसान भी कम लागत में खेती कर सकेंगे। क्योंकि किसानों को सस्ती दरों पर प्राकृतिक खेती में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के लिए अन्य स्थानों में जाने की जरूरत नहीं होगी, इससे उनकी खेती की लागत कम होगी। इससे किसान कम लागत में खेती कर ज्यादा मुनाफा कमा सकेंगे।


