एस्केलेटर खराब होने से एफओबी बना नशेड़ियों का अड्डा
मोहन नगर तिराहे पर फुटओवर ब्रिज पर लगाया गया एस्केलेटर पिछले चार वर्षों से बंद है। इसकी वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को। एस्केलेटर बंद होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है, जिससे यात्रियों में भय का माहौल है।

ट्रांस हिंडन, संवाददाता। मोहन नगर तिराहा स्थित फुटओवर ब्रिज (एफओबी) पर लगाया गया एस्केलेटर पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा है। लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई यह व्यवस्था अब शो पीस बनकर रह गई है। एस्केलेटर बंद होने से न केवल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि यह स्थान अब असामाजिक तत्वों का अड्डा भी बनता जा रहा है। मोहन नगर तिराहा अत्यंत व्यस्त क्षेत्र है। यहां बस अड्डा,मेट्रो स्टेशन और सिटी सेंटर होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। वर्ष 2022 की शुरुआत में फुटओवर ब्रिज पर एस्केलेटर की सुविधा शुरू की गई थी, लेकिन करीब चार महीने बाद ही यह बंद बंद हो गई।
तब से अब तक इसे चालू नहीं किया जा सका है। एस्केलेटर बंद रहने के कारण बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और महिलाओं को सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत होती है। कई लोग सीढ़ियां चढ़ने से बचने के लिए जान जोखिम में डालकर सीधे व्यस्त सड़क पार करते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। एस्केलेटर बंद होने के कारण यात्रियों को हो रही परेशानी को आपका अपना हिंदुस्तान अखबार प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है। मोहन नगर तिराहे से रोजाना करीब 20 हजार से अधिक पैदल यात्री सफर करते है। वसुंधरा और इंदिरापुरम समेत अन्य इलाकों से लोग सिटी सेंटर में शॉपिंग के लिए आते है। जिसके लिए उन्हें सड़क पार करती पड़ती है। मोहन नगर निवासी अंशुल कुमार का कहना है कि रोजाना 20 हजार से अधिक लोग इस रास्ते से गुजरते हैं, जिनमें नौकरीपेशा लोग, फैक्ट्री कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बाजार जाने वाले नागरिक शामिल हैं। स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब शाम ढलते ही फुटओवर ब्रिज पर सन्नाटा पसर जाता है। एस्केलेटर बंद होने और नियमित निगरानी न होने के कारण यहां नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। इससे महिलाओं और घर से अकेले निकलने वाले यात्रियों में भय का माहौल है। स्थानीय निवासी इरफान खान ने बताया कि एस्केलेटर, सीढ़ियों और एफओबी पर चारों और गंदगी होने के कारण यात्री इसका उपयोग करने से कतराते है। गंदगी के कारण युवा भी इसका इस्तेमाल नहीं करते। वहीं, जीडीए के मुख्य अभियंता आलोक रंजन का कहना है कि एस्केलेटर को नगर निगम को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही इसे दोबारा चालू कराया जाएगा।
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