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ईपीएफओ परीक्षा में अंग्रेजी और सामान्य अध्यय के प्रश्न रहे कठिन, समय पड़ा कम

ईपीएफओ परीक्षा में अंग्रेजी और सामान्य अध्यय के प्रश्न रहे कठिन, समय पड़ा कम

संक्षेप:

गाजियाबाद में आयोजित ईपीएफओ परीक्षा में 31 केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा को कठिन और लंबा बताया। 8800 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से केवल 34.65 फीसदी ही परीक्षा में शामिल हुए। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच, अधिकतर प्रश्नों को हल करने में समय की कमी रही, जिससे कई अभ्यर्थियों ने प्रश्न छोड़ दिए।

Sun, 30 Nov 2025 08:17 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
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- जिले में 31 केंद्रों पर आयोजित ईपीएफओ परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने दी प्रतिक्रिया - परीक्षार्थियों ने बीते वर्ष के मुकाबले परीक्षा को कठिन और लंबा बताया, इससे समय पड़ा कम - जिले में परीक्षा के लिए 8800 परीक्षार्थी हैं पंजीकृत गाजियाबाद, कार्यालय संवाददाता। यूपीएससी की तरफ से जिले में 31 केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच ईपीएफओ की परीक्षा का आयोजन किया गया। अभ्यर्थियों ने परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को कठिन और लंबा बताया, जिससे पूरा पेपर हल करने के लिए समय कम रह गया। इससे कई अभ्यर्थियों के कुछ प्रश्न छूट गए। परीक्षा का आयोजन सुबह 9:30 बजे से लेकर 11:30 बजे तक हुआ।

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दो घंटे की परीक्षा में 300 अंक के कुल 120 प्रश्न पूछे गए। इसमें अंग्रेजी, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, वर्तमान घटनाक्रम, राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, कंप्यूटर, लेखांकन सिद्धांत, श्रम कानून, औद्योगिक संबंध, योग्यता और सामाजिक सुरक्षा आदि विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। अभ्यर्थियों ने बताया कि बीते वर्ष के मुकाबले इस बार की परीक्षा कठिन भी थी और अधिक समय लेने वाला था। पूरे पेपर को हल करने के लिए कम से कम तीन घंटे होने चाहिए थे। सेठ मुकुंद लाल इंटर कॉलेज में परीक्षा देकर निकले अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि पेपर में 120 प्रश्न थे। इसमें आधे से ज्यादा प्रश्न काफी मुश्किल और टाइम टेकिंग थे। वहीं, प्रिया ने बताया का पूरे पेपर में अंग्रेजी का भाग सबसे अधिक कठिन था। इसके अलावा अभ्यर्थी शिवानी ने बताया कि अंग्रेजी के प्रश्न सबसे अधिक मुश्किल थे, जबकि सामान्य अध्ययन के प्रश्नों को करने में भी काफी समय लगा। इससे अंत में पेपर पूरा करने को लेकर काफी जल्दबाजी रही, लेकिन नेगेटिव मार्किंग के चलते ज्यादातर प्रश्न छूट ही गए। अगर कोई प्रश्न गलत हो जाता तो एक तिहाई नंबर काट लिए जाते। सख्त चेकिंग के बाद मिला प्रवेशः परीक्षा के दौरान हर केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कक्षों में सीसीटीवी से निगरानी की गई। प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की सावधानी के साथ चेकिंग की गई। सभी गैरजरूरी सामान केंद्र के बाहर ही रखवा दिया गया। बैग, मोबाइल, ब्लूटुथ, ज्योमैट्री बॉक्स आदि किसी भी वस्तु को अंदर नहीं ले जाने की इजाजत नहीं दी गई। वहीं, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर केंद्र पर अधिकारी और सुरक्षा बल भी तैनात रहे। 65 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी जिले में आयोजित ईपीएफओ परीक्षा आधे से ज्यादा अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। मात्र 34.65 फीसदी ही परीक्षा देने पहुंचे। जिले में परीक्षा के लिए बनाए गए कुल 31 केंद्रों पर 14,114 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से केवल 4,891 अभ्यर्थी ही उपस्थित रहे और 9,223 ने परीक्षा छोड़ दी।