हरिद्वार रूट की ट्रेनों में एस्कॉर्ट की कड़ी नजर, प्लेटफॉर्म पर भी चौकसी
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हरिद्वार रूट पर ट्रेन सेवाओं में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन और कौशांबी बस डिपो पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। नगर निगम ने शिवालयों में गंगाजल और पेयजल की व्यवस्था की है, और सभी शिविर पॉलीथिन मुक्त होंगे।

गाजियाबाद, ट्रांस हिंडन संवाददाता। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए हरिद्वार रूट की ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। जीआरपी के एस्कॉर्ट हरिद्वार की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में तैनात हैं। जबकि गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर भी संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस सामान पर विशेष नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए परिसर में जीआरपी और आरपीएफ के अतिरिक्त जवान भी तैनात कर दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा की शुरुआत होने के साथ ही हरिद्वार जल लेने के लिए धीरे-धीरे श्रद्धालु गाजियाबाद स्टेशन पर आने लगे हैं। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने की आशंका है। इसको देखते हुए स्टेशन पर चौकसी बढ़ा दी गई है। जीआरपी इंस्पेक्टर मनोज चौधरी ने बताया कि हरिद्वार की ओर जाने वाली ट्रेनों में जीआरपी के एस्कॉर्ट तैनात होकर कड़ी नजर नजर रख रहे है। ट्रेनों के सभी कोच में एस्कॉर्ट गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों व वस्तुओं की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर विशेष रूप से उन प्लेटफॉर्मों पर चौकसी बढ़ा दी गई है, जहां से हरिद्वार की ओर जाने वाली ट्रेनों का ठहराव है। जीआरपी के जवान प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे हैं। प्लेटफार्म पर दिखाई देने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और लावारिस वस्तुओं की गहन जांच भी की जा रही है。
आरपीएफ भी मुस्तैद होकर निगरानी रख रही
स्टेशन के सभी प्लेटफार्म पर आरपीएफ के जवान भी मुस्तैद होकर निगरानी रख रहे हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर अब्दुल लतीफ ने बताया कि स्टेशन परिसर में तैनात सभी जवानों को कड़ाई से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश द्वारों और आउटर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्लेटफार्म पर ट्रेन आने के दौरान उद्घोषणा के माध्यम से श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को ट्रेन संबंधित सूचना दी जा रही है।
कौशांबी बस डिपो में सुरक्षा बढ़ी, पुलिसकर्मी तैनात
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कौशांबी बस डिपो पर परिवहन निगम ने विशेष इंतजाम किए हैं। हरिद्वार की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए डिपो परिसर में तीन शिफ्टों में 20 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इन पुलिसकर्मियों का मुख्य उद्देश्य डिपो परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और यात्रियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
कौशांबी बस डिपो पर कांवड़ यात्रा के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों और श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक सख्त किया गया है। तैनात पुलिसकर्मी डिपो के प्रवेश और निकास द्वारों के साथ-साथ प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर और बसों के प्लेटफॉर्म पर लगातार गश्त करेंगे। डिपो परिसर में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनकी जांच भी की जाएगी। ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को सुरक्षा संबंधित कोई दिक्कत न हो। वहीं कावड़ यात्रा को देखते हुए नियमित साफ सफाई भी कराई जा रही है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अंशु भटनागर ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस विभाग की ओर से 20 पुलिसकर्मियों की तैनाती डिपो पर की गई है। ये पुलिसकर्मी 24 घंटे डिपो में तैनात रहेंगे और गश्त कर किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को रोकेंगे।
शिवालयों में श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल मिलेगा
नगर निगम ने कांवड़ यात्रा की तैयारी शुरू कर दी है। निगम दूधेश्वरनाथ मंदिर समेत कई बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल उपलब्ध कराएगा। 20 टैंकर में गंगाजल होगा। कांवड़ मार्गों पर 50 टैंकर में पीने का पानी होगा।
कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। जनपद में पांच से 11 अगस्त तक कांवड़ियों की संख्या में इजाफा होगा। निगम समेत अन्य विभाग कांवड़ यात्रा की तैयारी में जुट गए हैं। जलकल विभाग दूधेश्वरनाथ मंदिर समेत वसुंधरा, इंदिरापुरम, वैशाली के कई प्रसिद्ध शिवालयों में श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल उपलब्ध कराएगा। कांवड़ियों के साथ श्रद्धालु भी भगवान आशुतोष का जलाभिषेक गंगाजल से कर सकेंगे। गंगाजल के 20 टैंकर अलग-अलग शिवालयों में होंगे। कांवड़ मार्गों पर भी पेयजल के लिए 50 टैंकर की व्यवस्था की जाएगी। पांच अगस्त से पानी के टैंकर खड़े किए जाएंगे। जलाभिषेक से पहले शिवालयों पर गंगाजल उपलब्ध करा दिया जाएगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया गंगाजल और पेयजल के अलावा जल निकासी की व्यवस्था कराई जा रही है।बारिश होने पर मंदिरों के पास जलभराव नहीं होने दिया जाएगा।
पॉलीथिन और प्लास्टिक मुक्त होंगे सभी शिविर
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कांवड़ शिविर पॉलीथिन और प्लास्टिक मुक्त होंगे। इस बारे में शिविर संचालकों को अवगत करा दिया है। उन्होंने बताया कि कांवड़ मार्गों के अलावा शिविरों में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।नगर आयुक्त ने बताया निगम के कांवड़ शिविर में स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
कांवड़ियों को शुद्ध भोजन मुहैया कराने की तैयारियों में जुटा खाद्य विभाग
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने कांवड़ मार्ग पर संचालित नॉनवेज खाद्य प्रतिष्ठानों को एक माह तक दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कांवड़ मार्ग पर भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए 14 विशेष टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें लगातार होटल, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं।
हरिद्वार से बड़ी संख्या में गाजियाबाद के रास्ते से शिवभक्त कांवड़ लेकर गुजरते हैं। ऐसे में कावड़ियों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां की है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्ती से जांच शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने 14 टीमों का गठन किया है। विभाग ने इन टीमों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती क्षेत्र के अनुसार की है। इस दौरान विभाग के अधिकारी मार्ग पर पड़ने वाले प्रतिष्ठानों पर खाद्य सामग्रियों की जांच कर रहे है। वहीं मार्ग पर पड़ने वाली नॉनवेज की दुकानों को भी बंद कराया गया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय ने बताया कि सावन की पूरे महीने कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली नॉनवेज फूड की दुकानों को पूरी तरह से बंद करा दिया है। वहीं शहर में भी नॉनवेज फूड की दुकानों को महाशिवरात्रि तक बंद करने की निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि यह व्यवस्था शिवभक्तों की धार्मिक आस्था और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ मार्ग पर उतरीं 14 टीमें
जिला अभिहित अधिकारी सुरेश मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की 14 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में कांवड़ मार्ग का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। टीमें होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और अस्थायी भोजन शिविरों तक पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरे कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं कांवड़ मार्ग पर संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान विभागीय टीमें इनकी भी जांच कर रही हैं। यदि किसी कांवड़िए को किसी प्रतिष्ठान पर खराब, मिलावटी या मानकों के विपरीत भोजन मिलता है तो वह क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे शिकायत दर्ज करा सकेगा। शिकायत मिलते ही संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


