
इमरजेंसी रिकॉर्ड-कैमरे में नजर नहीं आई मृतका
फॉलोअप - सोमवार को एमएमजी में पर्चे की लाइन में बुजुर्ग महिला की हो गई
गाजियाबाद, संवाददाता। एमएमजी अस्पताल के परिसर में सोमवार को पर्चे बनवाने की लाइन में खड़ी बुजुर्ग की मौत मामले में अस्पताल प्रबंधन गंभीर है। जांच टीम को बुजुर्ग महिला के इमरजेंसी में आने के कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे स्पष्ट हो सके कि मृतका इलाज के लिए आई थी। सोमवार को मृतका मिथलेश की बेटी काजल ने आरोप लगाया था कि उनकी मां को रविवार रात में ही सीने में दर्द हो रहा था। रविवार रात साढ़े नौ बजे बजे वह अस्पताल के इमरजेंसी विभाग आई थीं, जहां से उन्हें इंजेक्शन लगाकर वापस भेज दिया। मामले की जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने डॉ. चरन सिंह और डॉ. पंकज शर्मा की दो सदस्यीय समिति गठित की थी, ताकि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की जांच हो सके।
कमेटी ने मंगलवार सुबह एक रात पहले के इमरजेंसी के सीसीटीवी और रिकॉर्ड खंगाले, लेकिन बुजुर्ग के आने के कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि, टीम की जांच अभी जारी है और डॉक्टरों के बयान दर्ज किए जाने अभी बाकी है। ये है मामला: छिजारसी निवासी 60 वर्षीय मिथलेश सोमवार को काजल के साथ सोमवार सुबह 10 बजे अस्पताल आई थी। भीड़ की वजह से 11:20 बजे तक उनका पर्चा नहीं बन सका। इस दौरान वह लाइन में ही चक्कर खाकर गिर पड़ी। बाद में इमरजेंसी में ईएमओ ने मिथिलेश को मृत घोषित कर दिया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




