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धुनूची नृत्य कर बंगाली समाज ने मनाया दुर्गा महोत्सव

धुनूची नृत्य कर बंगाली समाज ने मनाया दुर्गा महोत्सव

दुर्गा महोत्सव पर धुनूची नृत्य कर बंगाली समाज ने नवमी पूजन किया। सुबह 7 बजे महा नवमी पूजन कर 9.30 बजे मां को पुष्पांजलि अर्पित की गई। रात 8 बजे संध्या पूजन के साथ नवमी पूजन संपन्न हुआ। इसके अलावा शनिवार को मंदिरों और पंडालों में विराजमान मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन होगा। कालीबाड़ी में दुर्गा महोत्सव का आज समापन होगा। सिंदूर और गुलाल से होली खेलने के बाद मां की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शहर के विभिन्न जगहों से होती हुई मां दुर्गा की प्रतिमा को तालाब में विसर्जित किया जाएगा। नवमी की रात को जहां बच्चों के लिए पोस्टर बनाना, विज्ञापन बनाने की प्रतियोगिता रखी गई। वहीं महिलाओं के लिए धुनूची नृत्य प्रतियोगिता रखी गई। फ्यूजन और विसर्जन थीम पर महामाया ग्रुप द्वारा नाट्य मंचन किया गया। नवमी पर घरों में कन्याओं को भोग लगायानवरात्र के अंतिम दिन मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। लंबी कतारों में लगकर लोगों ने मां की पूजा की। वहीं नवमी के दिन सभी घरों में मां के नौ रूपों का पूजन कर कन्याओं को भोग लगाया गया। घंटाघर गोल मार्केट के वैष्णो देवी गुफा वाले मंदिर में नवमी के अवसर पर वैष्णो माता पर चढ़ने वाली चुन्नी और साड़ियां भक्तों को प्रसाद के रूप में दी गई। साथ ही नवमी पर गोल मार्केट के व्यापारी ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रहे थे। मंदिरों में सिद्धिदात्री की पूजा शहर के मंदिरों में शुक्रवार को आखिरी नवरात्र के अवसर पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की गई। नवरात्र के आखिरी दिन भी सुबह से मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। शाम को घंटाघर के प्राचीन गुफा मंदिर, राजनगर के माता देवी मंदिर, मननधाम मंदिर में माता का कीर्तन किया गया।

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  • Web Title:Durga Mahotsav celebrated by Bengali society by dancing Dhunuchi