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Hindi News NCR गाज़ियाबाद अभिभावकों के धरने के बीच डीडीपीएस ने शुरू कीं ऑनलाइन क्लास

अभिभावकों के धरने के बीच डीडीपीएस ने शुरू कीं ऑनलाइन क्लास

संजय नगर स्थित डीडीपीएस स्कूल की मनमानी खिलाफ अभिभावकों के विरोध-प्रदर्शन के बीच स्कूल ने ऑनलाइन क्लास का संदेश भेज दिया...

अभिभावकों के धरने के बीच डीडीपीएस ने शुरू कीं ऑनलाइन क्लास
हिन्दुस्तान टीम,गाज़ियाबादTue, 14 May 2024 09:45 PM
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गाजियाबाद। संजय नगर स्थित डीडीपीएस स्कूल की मनमानी खिलाफ अभिभावकों के विरोध-प्रदर्शन के बीच स्कूल ने ऑनलाइन क्लास का संदेश भेज दिया है। यानि अब स्कूल नहीं खुलेगा। केवल ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। मगर धरने दे रहे अभिभावकों के बच्चों को ऑनलाइन क्लास से रिमूव भी कर दिया है। इसके ऐवज में उनसे क्षमा पत्र और सहमति पत्र देने को कहा गया है। जीपीए ने इसे अभिभावकों और छात्रों का शोषण बताया है।
संजय नगर स्थित देहरादून पब्लिक स्कूल के बाहर अभिभावक पिछले 13 दिन से धरना दे रहे हैं। स्कूल जहां बच्चों को 13 किलोमीटर दूर अपनी मधूबन बापूधाम की ब्रांच में भेजने पर अड़ा है, वहीं अभिभावक न्याय की मांग के साथ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वह अपने बच्चों को दूसरे स्कूल में नहीं भेजना चाहते। शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी भी स्कूल को ऐसा नहीं करने के निर्देश दे चुके हैं। बावजूद इसके स्कूल मानने को तैयार नहीं है। विरोध प्रदर्शन के बीच अब स्कूल ने नया पैंतरा अपनाया है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने नियमों के खिलाफ जाकर खराब मौसम की बात कहकर स्कूल बंद कर दिया और ऑनलाइन पढ़ाई का मैसेज भेजा है, जबकि अन्य स्कूल ऑफलाइन चल रहे हैं। इतना ही नहीं ऑनलाइन क्लास से धरने पर बैठे बच्चों को बाहर कर दिया गया है। जबकि फीस पूरी ली गई है। जीपीए का कहना है कि स्कूल लगातार अभिभावकों और बच्चों का शोषण कर रहा है, मगर इस पर कोई सख्त एक्शन नहीं लिया जा रहा है।

ऑनलाइन क्लास के लिए सहमति पत्र के साथ मांगा क्षमा पत्रः

जीपीए के विवेक त्यागी का आरोप है कि जिन बच्चों को ऑनलाइन क्लास के ग्रुप से रिमूव किया है उनके अभिभावकों के पास मैसेज भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि संस्थान के विरुद्ध हिंसक गतिविधियों और अराजक वातावरण में आपकी भूमिका सामने आई है। अब दोबारा ग्रुप में नाम जोड़ने के लिए आपको एक क्षमा पत्र और स्कूल की व्यवस्था से सहमत होने का प्रमाण पत्र देना होगा। सहमित पत्र का मतलब है कि अभिभावक अपने बच्चों को मधूबन बापूधाम की ब्रांच में भेजने को तैयार हैं।

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