सोसाइटी के पास खाली भूखंड में जलभराव से हादसे का खतरा
कोयल एंक्लेव सोसाइटी के पास कई भूखंड खाली पड़े हैं, जिनमें गहरे गड्डे हैं। इन गड्डों में सीवर का पानी भरा है, जिससे इलाके में गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। स्थानीय लोग कई बार जीडीए में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बच्चों के गिरने का खतरा भी बना हुआ है।

ट्रांस हिंडन। टीला मोड़ स्थित कोयल एंक्लेव सोसाइटी के पास कई भूखंड खाली पड़े हैं। इनमें छह फीट तक के गहरे गड्डे हैं। इन गड्डों में सीवर का पानी भरने से हादसे का खतरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार गड्डों को भरने के लिए जीडीए में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। टीला मोड़ पर कोयल एंक्लेव में सात सोसाइटियां आती हैं। इनमें 30 हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। इनके आसपास कई स्थानों पर जीडीए की खाली जमीन पड़ी हुई है, जिसमें पांच से छह फीट गहरे गड्ढे हैं। ये गड्ढे लोगों की परेशानियों का सबब बन रहे हैं।
लोगों का कहना है कि इन गड्डों में सोसाइटी से निकलने वाला सीवर का पानी भरा है। इस कारण इलाके में गंदगी और दुर्गंध फैली हुई है, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा खाली जमीन होने कारण गगन बिहार और पंचशील कॉलोनी के बच्चे इस जगह आकर अक्सर खेलते रहते हैं। ऐसे में उनके गड्डों में गिरने का खतरा बना हुआ है। प्लेनेट वन सोसाइटी के निवासी नरेश तोमर ने बताया कि सोसाइटी के सीवर का पानी सीधा जीडीए के खाली पड़ी जमीन में डाला जा रहा है। इससे सोसाइटी में दुर्गंध फैल रही है। जीडीए में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने बताया कि जलभराव के सोसाइटियों में मंच्छर, मक्खी व छोटे कीड़ों की संख्या बढ़ती जा रही है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका है। बदबू फैलने से सांस लेना दूभर स्थानीय लोगों का कहना है कि खाली भूखंड में गंदगी का अंबार और सीवर का पानी भरा होने से बदबू फैल रही है। इससे न तो सुबह और न शाम के समय साफ हवा मिल पा रही है। दुर्गंध के कारण सांस लेना दूभर होता जा रहा है। सुबह में पार्कों में टहलना भी मुश्किल हो गया है। इस कारण लोगों ने सोसाइटी के पार्क और कॉमन एरिया में बैठना भी कम कर दिया है। घरों से मुंह ढककर और मास्क लगाकर गुजरना पड़ रहा है। दिन में भी फ्लैटों के खिड़की दरवाजे बंद कर रखने पड़ते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है सीवर का पानी जमा होने से इलाकें में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां के फैलने का खतरा बना हुआ है। जमा पानी में मच्छर और कीड़े पनप रहे हैं। इससे लोगों के भीतर संक्रमण फैलने का भय बैठ गया है। दिन में भी खिड़की दरवाजे बंद कर रहना पड़ रहा है। साफ हवा की चाह में खिड़की को खोलने पर मच्छर और मक्खियां घुस जाती हैं। शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लोगों का आरोप है कि समस्या के संबंध में जीडीए में कई बार शिकायत की गई है, लेकिन आज तक समाधान नहीं हो सका। आरोप है कि जीडीए ने न तो गड्डों को भरना सही समझा और न ही भूखंड की तारबंदी करवाई गई है। गड्डों के आसपास छोटे बच्चे खेलते रहते हैं। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। गड्डों के कारण सोसाइटी के रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। गड्डों को भरने के लिए कई बार जीडीए को शिकायत पत्र दिया गया है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। -अनिल चौहान, स्थानीय निवासी कई बार लावारिस पशु गड्डे में गिर चुके हैं। बच्चों के गिरने का खतरा है। जल्द गड्ढे भरने जाने चाहिए। -प्रितपाल सिंह, स्थानीय निवासी कई सोसाइटीयों का सीवर का पानी छठ घाट में, पार्कों में और सड़को पर जमा रहता है। इससे बिमारी फैल रही है। -नरेश तोमर, स्थानीय निवासी

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