खुलासाः दलित युवक की हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार, चौकी प्रभारी निलंबित
लोनी में दलित मालवाहक चालक सोनू की हत्या के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 25 अप्रैल को गोदाम में सफाई के दौरान हमले का शिकार हुए सोनू की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में लापरवाही के आरोप में चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है। विधायक ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

लोनी, आयुष गंगवार। दलित मालवाहक चालक की हत्या के दो आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। जिस गोदाम के बाहर युवक पर हमला हुआ, उसको लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। लापरवाही बरतने पर कस्बा चौकी प्रभारी को भी निलंबित किया गया। लोनी की कंचन पार्क कॉलोनी में रहने वाले मालवाहक वाहन चालक 32 वर्षीय सोनू पर 25 अप्रैल को बागराणप स्थित एक गोदाम की सफाई के दौरान लाठी-डंडों से हमला किया गया था। गंभीर हालत में उसे परिजन रविवार को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले गए थे। इलाज के दौरान रविवार को ही युवक की मौत हो गई।
पिता चरण सिंह ने बागराणप निवासी आमिर उर्फ सोनू और शाहरुख समेत अन्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद सोनू का शव घर पहुंचा तो परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि आरोपी आमिर और शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया है। हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान के प्रयास जारी हैं। इन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस उपायुक्त के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सोनू के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया, इसलिए विसरा सुरक्षित किया गया है। साथ ही मामले में लापरवाही बरतने पर कस्बा चौकी प्रभारी अनमोल कुमार को निलंबित किया गया है। आगे की जांच की जा रही है।-------दो पक्षों के बीच विवाद में हुई हत्यापुलिस के मुताबिक, बागराणप स्थित 120 वर्ग गज के भूखंड पर दो हिस्सों में मकान बना है। गोदाम भी इसी में शामिल है। सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि दूसरे पक्ष के कहने पर 25 अप्रैल को दोपहर डेढ़ बजे सोनू अपने साथी परवेज और एक अन्य के साथ गोदाम पर सफाई करने गए थे। इन्हें देख हमलावर आमिर की बहन के रोकने पर उससे गाली-गलौज की गई, तभी आमिर ने डंडे से सोनू पर हमला कर दिया। इस बीच परवेज और तीसरा युवक फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक, सोनू पर हमले के बाद दो बार चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेज दिया था। हमले के 28-29 घंटे बाद उसके सीने में दर्द हुआ था, जिसके बाद जीटीबी अस्पताल ले जाया गया और उसकी मौत हो गई थी। सोनू के पिता ने कस्बा चौकी प्रभारी अनमोल कुमार पर मेडिकल न कराने और एक आरोपी को पकड़कर छोड़ने का आरोप लगाया था। इसी आधार पर चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया था।विधायक ने लगाए गंभीर आरोपपरिजनों का कहना था कि सोनू को गोदाम पर कपड़ों का माल रखने जाना था, वह इसलिए गया। हालांकि, पुलिस की जांच में यह बात सामने नहीं आई है। मंगलवार को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सोनू मकान में रहने वाले एक दर्जी को मेज देने गया था। मकान पर कब्जे का विवाद दो पक्षों के बीच है, जिसका सोनू से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मकान पर जबरन कब्जा करने वाले दूसरे धर्म के लोगों ने सोनू को मारा और पुलिस इसे अलग रंग देने का प्रयास कर रही है। चौकी प्रभारी और एक मुखबिर को बचाने के लिए पुलिस ने तहरीर भी खुद ही लिखी। हमले में कई लोग शामिल थे, लेकिन दो के ही नाम लिखे। पुलिस के मेडिकल न कराने के कारण ही सोनू की मौत हुई।
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