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घर बैठे कमाई का झांसा देकर पौने छह लाख रुपये ठगे

घर बैठे कमाई का झांसा देकर पौने छह लाख रुपये ठगे

संक्षेप:

गाजियाबाद के गोविंदपुरम निवासी प्रदीप कुमार से साइबर अपराधियों ने घर बैठे कमाई का झांसा देकर पौने छह लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने पहले भरोसा जीतकर टेलीग्राम चैनल और फर्जी वेबसाइट के माध्यम से पैसे हड़पे। जब पीड़ित ने राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने नए नियम बताकर और पैसे जमा कराने को कहा।

Jan 07, 2026 04:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
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बालाजी एनक्लेव में रहने वाले व्यक्ति से धोखाधड़ी जालसाजों को तलाशने जुटी साइबर थाना पुलिस गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। साइबर अपराधियों ने घर बैठे कमाई का झांसा देकर गोविंदपुरम निवासी व्यक्ति से पौने छह लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने पहले पीड़ित का भरोसा जीता और फिर फर्जी वेबसाइट, टेलीग्राम चैनल और ग्रुप के माध्यम से टास्क पूरे कराकर रकम हड़प ली। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोविंदपुरम स्थित बालाजी एनक्लेव में रहने वाले प्रदीप कुमार ने पुलिस से शिकायत की कि 30 अक्तूबर 2025 को उनके मोबाइल पर टेलीग्राम ऐप के जरिए एक मैसेज आया।

कॉलर ने खुद को एक ऑनलाइन कंपनी से जुड़ा बताते हुए घर बैठे आसान टास्क पूरा कर पैसे कमाने का लालच दिया। शुरुआत में केवल चैट और कुछ छोटे ऑनलाइन कार्य बताए गए, जिनके बदले थोड़ी-बहुत कमाई दिखाकर भरोसा बनाया गया। इसके बाद उन्हें एक टेलीग्राम चैनल और लिंक भेजा गया, जिस पर लॉगिन करते ही एक वेबसाइट खुली। वहां उनके द्वारा जमा की गई रकम और मुनाफा दिखने लगा। प्रदीप कुमार का कहना है कि शुरुआती चरण में उनसे एक हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए, जिसके बदले कुछ समय बाद अधिक रकम उनके खाते में भेज दी गई। इससे उन्हें लगा कि यह कोई असली ऑनलाइन काम है। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए ठगों ने धीरे-धीरे रकम बढ़ानी शुरू कर दी। पीड़ित के मुताबिक कभी अकाउंट अपग्रेड करने, कभी विशेष टास्क पूरा करने और कभी मुनाफा निकालने के नाम पर उनसे अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। इस तरह पौने छह लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब उन्होंने अपनी पूरी राशि निकालने की बात कही तो ठगों ने नए-नए नियम बताने शुरू कर दिए। कभी प्वाइंट कम होने का बहाना बनाया गया, तो कभी सिस्टम में कमी आना बताकर और रकम जमा कराने को कहा गया। करीब दो सप्ताह तक चले इस खेल के बाद भी रकम वापस नहीं मिली तो उन्हें ठगी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दी। एसीपी क्राइम भास्कर वर्मा का कहना है कि छह जनवरी को केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस संबंधित बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जानकारी जुटा रही है और जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।