एसीपी ट्रैफिक पर भ्रष्टाचार का आरोप, जांच बैठी
गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। एसीपी पर अधीनस्थ कर्मियों से धन उगाही का आरोप है। पुलिसकर्मियों ने गुमनाम शिकायत भेजी थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। शिकायत में कहा गया कि एसीपी ने रपट हटाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की थी।

गाजियाबाद। ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कमिश्नरेट में तैनात एक एसीपी ट्रैफिक पर रपट काटने की एवज में अधीनस्थ कर्मियों से धन उगाही का आरोप लगा है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने लखनऊ मुख्यालय और पुलिस आयुक्त को गुमनाम शिकायत भेजी, जिसके बाद एडिशनल सीपी ने जांच बैठा दी है। शिकायत के अनुसार ट्रैफिक पुलिस में तैनात कई कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, टीएसआई और इंस्पेक्टर स्तर के कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान गैरहाजिरी की रपट दर्ज की गई थी। आरोप है कि संबंधित एसीपी ने इन रपट को हटाने या ठीक करने के लिए प्रत्येक कर्मी से पांच-पांच हजार रुपये की मांग की।
रपट दर्ज होने पर कर्मियों पर लाइन हाजिरी या निलंबन की तलवार लटक जाती है, इसलिए कई कर्मियों ने दबाव में रकम दे दी। बताया गया कि यह रकम ऑफिस में ही नकद ली जाती थी पूरा मामला उस समय सामने आया जब ट्रैफिक कर्मियों द्वारा गुमनाम पत्र के माध्यम से शिकायत लखनऊ मुख्यालय और गाजियाबाद पुलिस आयुक्त को भेजी गई। पत्र में कर्मियों ने अपनी पहचान उजागर नहीं की, लेकिन घटनाक्रम का पूरा विवरण और एसीपी का नाम लिखा गया है। शिकायत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया। एडिशनल सीपी ने जांच शुरू की एडिशनल सीपी कानून व्यवस्था और यातायात आलोक प्रियदर्शी ने मामले की जांच अपने अधीन शुरू करा दी है। उन्होंने बताया कि यातायात विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों के पत्र के आधार पर जांच शुरू कराई गई है। संबंधित कर्मियों के बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई तय होगी। एडिशनल सीपी ने जांच शुरू करने का पत्र जारी करते हुए ट्रैफिक कर्मियों को बयान दर्ज कराने के लिए कहा है। उनका कहना है कि बयान दर्ज कराने वाले पुलिसकर्मियों के नाम-पते गुप्त रखे जाएंगे, ताकि उन पर किसी तरह का दबाव न बनाया जा सके। गाजियाबाद में तैनात है तीन एसीपी ट्रैफिक पूर्व में गाजियाबाद कमिश्नरेट में सिर्फ एक एसीपी ट्रैफिक की तैनाती होती थी, लेकिन पुलिस आयुक्त जे रविंदर गौड ने यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कमिश्नरेट के तीनों जोन में एक-एक एसीपी ट्रैफिक की तैनाती की। इतना ही नहीं, पहली बार डीसीपी ट्रैफिक की तैनाती भी की गई। वर्तमान में गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस में एक डीसीपी, एक एडीसीपी, तीन एसीपी, 12 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 120 टीएसआई, लगभग 800 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात हैं।
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