Ghaziabad News: जलकल विभाग द्वारा कराए कोटेशन के कार्यों पर जांच बैठी
Ghaziabad News: गाजियाबाद नगर निगम के जलकल विभाग के कोटेशन कार्य जांच के दायरे में आ गए हैं। नगर आयुक्त ने डेढ़ साल में कराए गए सभी कार्यों की जांच की घोषणा की है। कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर गड़बड़ी के आरोप हैं। नंदग्राम क्षेत्र में जलभराव की समस्या भी एसटीपी की खराब मोटर से जुड़ी है।

Ghaziabad News: गाजियाबाद, दीपक सिरोही। नगर निगम के जलकल विभाग की तरफ से कराए गए कोटेशन के कार्य जांच के दायरे में आ गए हैं। नगर आयुक्त ने डेढ़ साल के दौरान कराए कोटेशन के सभी कार्यों पर जांच बैठा दी है। कुछ अधिकारी और कर्मचारियों पर गलत तरीके से काम कराने का आरोप है। ऐसे में कई पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। निगम में एक लाख रुपये से ऊपर के विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया से होते हैं। एक लाख रुपये से कम के विकास कार्य अधिकारी कोटेशन पर कराते हैं। कोटेशन के विकास कार्य तत्काल में होते हैं। निगम के जलकल विभाग में कोटेशन के नाम पर खेल होने का संदेह है। दरअसल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के संज्ञान में मामला पहुंचा है कि जलकल विभाग में कोटेशन के नाम पर कुछ अधिकारी और कर्मचारियों ने गड़बड़ी की है। विभाग ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन बदलने, नलकूप की मरम्मत कराने समेत कई कार्य कोटेशन से कराए, लेकिन वास्तव में कार्य नहीं हुए। कागजों में काम दिखाकर बिल पास करा लिए गए। कई अन्य कार्यों में भी गड़बड़ी हुई है। सूत्रों ने बताया कि कोटेशन में एक काम की कई फाइल तक बनाई गई। नगर आयुक्त का कहना है कि जलकल विभाग द्वारा कराए गए कोटेशन के कार्यों की जांच कराई जा रही है। जांच में मामला सही पाए जाने पर सख्ती की जाएगी。
नंदग्राम एसटीपी की खराब मोटर ठीक नहीं कराई
पिछले दिनों बारिश के दौरान नंदग्राम क्षेत्र में जलभराव हो गया था। घरों और सड़कों पर जलभराव होने से लोग परेशान हो गए थे। एसटीपी के काम नहीं करने की वजह से नंदग्राम क्षेत्र में सबसे ज्यादा जलभराव हुआ था। इस तरह लोगों ने शिकायत झेली। बताया जा रहा है कि एसटीपी की खराब मोटर बारिश से पहले ठीक नहीं कराई गई थी। एसटीपी के संचालन करने वाली फर्म के भुगतान की फाइल को आगे नहीं बढ़ाया गया था। इस मामले की भी जांच कराई जा रही है।


