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सामूहिक विवाह योजना में 72 जोड़े शादी के बंधन में बंधे

सामूहिक विवाह योजना में 72 जोड़े शादी के बंधन में बंधे

संक्षेप: - 15 जोड़ो ने निकाह कबूला 57 लोगों के हुए फेरे - भोजपुर

Mon, 3 Nov 2025 09:07 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
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- लजीज व्यंजन व जलपान की व्यवस्था भी रही गाजियाबाद, संवाददाता। हिन्दू रीति रिवाज और मुस्लिम रीति रिवाजों से एक ही पंडाल के नीचे शादी का समागम देखने को मिला। जिसमें हिन्दू जोडों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए तो वहीं मुस्लिम जोड़ों ने निकाह कबूल किया। सामूहिक विवाह समारोह में कन्याओं के बैंक खातों में सीधी धनराशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनाओं के अंतर्गत भोजपुर विकास खंड परिसर में सोमवार को सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर एक ही मंच पर हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों से कुल 72 जोड़ों ने जीवनसाथी के साथ नए जीवन की शुरुआत की।

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समारोह में 57 जोड़ों ने हिंदू परंपरा के अनुसार फेरे लिए, जबकि 15 जोड़ों ने इस्लामिक तरीके से निकाह कबूल किया। इस भव्य समारोह में सजावट से लेकर मेहमानों के स्वागत तक की खास तैयारी की गई थी। मेहमानों और वर-वधुओं के लिए लजीज व्यंजन और जलपान की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख क्षेत्र पंचायत सुचेता सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक वधु के बैंक खाते में 60 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की गई। वहीं शादी में सभी जरूरत का सामान भी कन्या को दिया गया। कार्यक्रम में लजीज भोजन की व्यवस्था भी थी। जिसको देखकर वर और वधू के साथ आने वाले लोग देखकर खुश हुए। समाज कल्याण अधिकारी संदीप चौधरी ने बताया कि जहां पहले योजना में सरकार द्वारा प्रति शादी पर 51 हजार की धनराशि खर्च की जाती थी,वहीं अब इसके स्थान पर एक लाख रूपये की राशि खर्च की जाएगी। योजना में 60 हजार रूपये कन्या के बैंक खाते में डाले जाएंगे और कन्या के वस्त्र, आभूषण, गिफ्ट इत्यादि पर 25 हजार रूपये खर्च किए जाने है। इसके अलावा 15 हजार रूपये शादी के आयोजन पर खर्च किए जाएंगे। योजना में पहले आवेदन कर्ताओं की अधिकतम आय की सीमा दो लाख थी, वहीं उसके स्थान पर अब आय की सीमा को बढ़कर तीन लाख रूपये किया गया है। बता दें कि योजना में विभाग को वित्तीय वर्ष 2025- 26 में 250 शादियां कराने का लक्ष्य मिला है। योजना का लाभ लेने के लिए कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के निवासी होने चाहिए। इसके साथ ही कन्या के अभिभावक निराश्रित या निर्धन व जरूरतमंद होने चाहिए, कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तो वहीं वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष हो। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के आवेदकों का जाति प्रमाण पत्र का होना अनिवार्य किया गया है। योजना में कन्या के अलावा विधवा ,तलाकशुदा महिलाओं को भी शामिल किया गया है।