Borewell buried in 20 feet deep in Borwell - लोनी में 20 फुट गहरे बोरवेल में मिट्टी धंसने से बाप-बेटे दबे DA Image
16 दिसंबर, 2019|5:17|IST

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लोनी में 20 फुट गहरे बोरवेल में मिट्टी धंसने से बाप-बेटे दबे

बोरवेल के गड्ढे की मिट्टी धंसने के कारण पंप ठीक कर रहे मिस्त्री और उसका 13 वर्षीय बेटा 20 फुट गहरे गड्ढे में दब गए। मिस्त्री ने बेटे को तो किसी तरह बाहर निकाल दिया, लेकिन खुद दब गया। इसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। पुलिस एवं फायरकर्मी मौके पर पहुंचे और जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद मिस्त्री को बाहर निकाला। मिस्त्री को सीएसची में भर्ती कराया गया, जहां हालत सामान्य होने पर उसे जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया।

लोनी की खुशहाल पार्क कॉलोनी निवासी जलालुद्दीन ने पेयजल के लिए घर के बाहर गली में बोरिंग कराया था। कई दिनों से उसके बोरिंग की मोटर खराब थी। मोटर को बाहर निकलवाकर ठीक कराने के लिए उसने कॉलोनी के ही शकील मिस्त्री (40) पुत्र सईद को बुलाया था। रविवार सुबह 10 बजे शकील अपने 13 वर्षीय बेटे समद के साथ मोटर निकालने के लिए 20 फुट गहरे गड्ढे में उतर गया। मोटर खोलकर उसमें रस्सी बांधकर बाहर निकलवा दिया, लेकिन गड्ढे के नीचे कच्चे भाग की मिट्टी ढह गई। उसने सीढी लगवाकर बेटे को बाहर निकलवाने की कोशिश की, लेकिन गड्ढा नीचे धंसने लगा। इसके साथ ही दोनों बाप-बेटे मिटटी में धंसने लगे। उसने दो-तीन बार प्रयास करने के बाद मिट्टी हटाकर बेटे समद को तो बाहर निकाल दिया, लेकिन खुद गले तक मिट्टी में धंस गया। गड्ढे के ऊपर लोगों की भीड़ जमा होने के कारण गड्ढे की पक्की दीवार भी नीचे धंसने लगी और शकील के पैर दीवार में फंस गए। वह गड्ढे में बुरी तरह फंस गया। लोग एक घंटे तक उसे बाहर निकालने का प्रयास करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कॉलोनीवासियों ने पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी।

पुलिस और दमकलकर्मी ने कमान संभाली

सूचना पर कई पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी मशीन से पुराने गड्ढे के साथ ही दूसरा गड्ढा खुदवाना शुरू किया। करीब 10 फुट गहरा गड्ढा खुदने के बाद पुलिस एवं दमकलकर्मी उसमें उतर गए। फावड़े से गड्ढा गहरा करने के बाद पुराने गड्ढे की दीवार की ईंट हटाकर शकील को रस्सी बांधकर बाहर निकाला। इस मामले की सूचना मिलने पर एसडीएम सत्यें कुमार सिंह और सीओ दुर्गेश कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। शकील को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया था। वहां स्थिति सामान्य होने के बाद उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया।

सिर बचाने के लिए शकील को हेलमेट दिया

जिस समय शकील गड्ढे में फंसा हुआ था, गड्ढे की दीवार गिरने की आशंका बनी हुई थी। लोगों ने शकील को सिर बचाने के लिए गड्ढे में हेलमेट दे दिया। शकील ने हेलमेट सिर पर लगाने के बाद हिम्मत से काम लिया और जैसे-जैसे मिट्टी उसके सिर पर गिरती रही उसे हटाता रहा।

दमकलकर्मियों और सिपाही ने जान दाव पर लगा दी

शकील जिस गड्ढे में फंसा हुआ था। वह जलालुद्दीन के मकान के साथ गली में बना हुआ था। गड्ढा धंसने के कारण मकान के गिरने की आशंका भी बनी हुई थी, लेकिन पुस्ता चौकी के सिपाही हरिओम और फायरकर्मी सत्येन्द्र व प्रेमपाल अपनी जान की परवाह किए बिना गड्ढे में उतर गए। झुलसा देने वाली गर्मी ने तीनों ने फावड़े से मिट्टी खोदी, उसके बाद हाथों से धीरे-धीरे मिट्टी खोदकर बाहर निकाली, तब जाकर चार घंटे की मशक्त के बाद मिस्त्री को सकुशल बाहर निकाला। एसडीएम ने तीनों की पीठ थपथपाई है, जबकि क्षेत्रवासी उनकी हिम्मत एवं साहस की प्रशंसा कर रहे हैं।

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