
बंदी को भगाने की कोशिश के मामले में दो और धरे
गाजियाबाद में फर्जी मार्कशीट मामले में डासना जेल में बंद मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विंजेंद्र सिंह हुड्डा को भगाने की कोशिश करने वाले दो सिपाहियों के साथियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सिपाही...
गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। फर्जी मार्कशीट मामले में डासना जेल में बंद मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विंजेंद्र सिंह हुड्डा को जेल से भगाने की कोशिश करने वाले सिपाहियों के दो साथियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक आरोपी विजेंद्र सिंह का रिश्तेदार है। उसी ने दोनों सिपाहियों संग मिलकर विजेंद्र को भगाने की साजिश रची थी। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य का कहना है कि चार अक्तूबर को पुलिस लाइन के गणना कार्यालय में तैनात सिपाही सचिन और राहुल धोखाधड़ी के मामले में बंद विजेंद्र सिंह हुड्डा को लेने डासना जेल पहुंचे थे। उन्होंने विजेंद्र सिंह को नोएडा कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाने की बात कही, लेकिन सिपाहियों पर शक होने के चलते जेल प्रशासन ने विजेंद्र सिंह को सिपाहियों के हवाले करने के बजाए पुलिस आयुक्त को सूचना दे दी थी।

पुलिस आयुक्त द्वारा सिपाहियों की जांच कराई गई तो उनकी पोल खुल गई। पता चला कि दोनों सिपाही पेशी के बहाने विजेंद्र सिंह को जेल से भगाना चाहते थे। इस संबंध में पुलिस लाइन के आरआई द्वितीय चंद्रभान सिंह द्वारा दोनों सिपाहियों के खिलाफ कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने सचिन और राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसीपी के अनुसार पुलिस ने आरोपी सिपाही सचिन और राहुल को पीसीआर पर लेकर पूछताछ की थी। उनके साथ साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया गया था। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने केस में विजेंद्र सिंह और उसके कर्मचारी आयुष को भी आरोपी बनाया है। एसीपी का कहना है कि इस मामले में रविवार को पुलिस ने दो आरोपी मुकुल तोमर निवासी ग्राम शिकोहपुर थाना बड़ौत जनपद बागपत और ग्राम काकड़ा थाना शाहपुर जनपद मुजफ्फरनगर निवासी वंश सैनी को गिरफ्तार किया है।

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