
टीबी मुक्त करने के लिए 100 दिन का अभियान चलेगा
गाजियाबाद में फरवरी से 100 दिवसीय टीबी रोगी खोज अभियान शुरू होगा। यह अभियान विभिन्न जोखिम समूहों की स्क्रीनिंग करेगा, जिसमें 60 वर्ष से अधिक आयु, कुपोषित और अन्य जोखिम वाले लोग शामिल हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार, जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
- फरवरी माह से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में टीबी मरीजों की खोज के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी गाजियाबाद, संवाददाता। जिले में टीबी रोगियों की खोज के लिए 100 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरूआत फरवरी माह से की जाएगी। हालांकि क्षय रोग उन्मूलन के तहत मरीजों की स्क्रीनिंग का कार्य लगातार जारी है। इसके चलते जनपद में 15 हजार से ज्यादा रोगी उपचाराधीन है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक ती ओर से सभी जिलों को पत्र भेजा गया है। इसके मुताबिक 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान फरवरी माह से चलाया जाएगा। इसमें टीबी हेतु जोखिम वाली जनसंख्या में 60 वर्ष से अधिक आयु वाले, कुपोषित, टीबी के पुराने रोगी, टीबी रोगी के साथ रहने वाले व्यक्ति, डायबिटीज रोगी, एचआईवी ग्रस्त व्यक्ति, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति, शराब एवं नशा का सेवन करने वाले व्यक्ति, वृद्धाश्रम, ईट भट्टों पर काम करने वाले व मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों की जांच की जाएगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल यादव का कहना है कि अभियान में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए माई भारत वालंटियर्स एवं निक्षय मित्रों के संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इन विभागों का मिलेगा सहयोग जनपद को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों की भी सहायता लेगा। जिसमें पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आयुष विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग श्रम विभाग, गृह एवं कारागार विभाग, नगर विकास विभाग, परिवहन विभाग, उद्योग विभाग, कौशल विकास विभाग शामिल है।

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