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जीडीए के बाबू पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा

-भ्रष्टाचार निरोधक शाखा मेरठ ने की थी जांच, जांच में आय से 77 लाख रुपये अधिक की मिली संपत्तिगाजियाबाद। वरिष्ठ संवाददाता जीडीए के एक बाबू पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है। सतर्कता अधिष्ठान अनुभाग की मेरठ शाखा ने बाबू पर सिहानी गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। रिपोर्ट में पांच साल की जांच में आरोपी बाबू की आय करीब सवा करोड़ रुपये मिली। जबकि इसी अवधि में बाबू ने करीब दो करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की और खर्चे किए। जांच में करीब 77 लाख रुपये की अतिरिक्त संपत्ति मिली। विकास प्राधिकरण के इस बाबू को फाइल चोरी के मामले में पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। सतर्कता अधिष्ठान मेरठ शाखा की इंस्पेक्टर पुष्पा गर्ग ने पांच साल की जांच के बाद मुकदमा कराया है। इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी बाबू संजीव नागरथ मूल रूप से शाहदरा (दिल्ली) का रहने वाला है। वह वर्तमान में कविनगर में रहता है। आरोप है कि बाबू ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के संपत्ति विभाग में तैनाती के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की थी। इस मामले की शिकायत मिलने पर पांच वर्ष पूर्व 2014 में जांच बैठाई गई थी। सतर्कता अधिष्ठान अनुभाग लखनऊ के आदेश पर जांच मेरठ शाखा की इंस्पेक्टर को दी गई थी। सिहानी गेट थाने इंस्पेक्टर संजय पांडेय ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में जीडीए के बाबू संजीव नागरथ के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना कराई जा रही है। मार्च 2014 में हुए थे जांच के आदेशउत्तर प्रदेश शासन के सतर्कता अनुभाग के आदेश पर जीडीए के तत्कालीन बाबू संजीव नागरथ के खिलाफ 31 मार्च 2014 को जांच शुरू की गई थी। जांच में आय से वैध ज्ञात स्रोतों के अनुपात में परिसंपत्ति अर्जित करने की खुली जांच के आदेश हुए थे। सतर्कता अनुभाग ने जांच के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी।रिपोर्ट में हुआ खुलासाजांच में कविनगर के रहने वाले संजीव नागरथ पर लोक सेवक के रूप में कायर्रत अवधि में अपनी सभी ज्ञात एवं वैध स्रोतों से कुल एक करोड़ 21 लाख 83 हजार 218 रुपये की आय पाई गई। इसी अवधि में नागरथ द्वारा परिसंपत्तियों की खरीद एवं भरण पोषण पर कुल एक करोड़ 98 लाख 65 हजार 646 रुपये का व्यय किया गया था। इस तरह जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी बाबू ने उक्त अवधि में आय से सापेक्ष में 76 लाख 82 हजार 428 रुपये का अधिक व्यय किया। जो बाबू के ज्ञात और वैध आय स्रोतों के अनुपात में 63 फीसदी अधिक पाया गया है। रिपोर्ट शासन को भेजीसतर्कता अधिष्ठान अनुभाग, मेरठ की इंस्पेक्टर पुष्पा गर्ग ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अतिरिक्त करीब 77 लाख की आय और अर्जित संपत्ति के संबंध में कोई संतोष जनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाया। बाबू संजीव नागरथ प्रथम दृष्टया आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी पाए गए। जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1), 13 (2), 1988 के तहत संज्ञेय एवं दंडनीय अपराध है। सतर्कता अधिष्ठान मेरठ शाखा की इंस्पेक्टर ने जीडीए के बाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। केस के विवेचक द्वारा मुकदमे से संबंधित तथ्यों की जानकारी कर विवेचना की जाएगी। -एके सिंह, क्षेत्राधिकारी द्वितीय------जीडीए के कई कर्मियों पर पहले भी गाज गिरीगाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के कई कर्मचारियों पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। मधुबन-बापूधाम में फर्जी आवंटन के आरोप में शोभित नाम के बाबू को सस्पेंड किया गया। स्वर्ण जयंती पुरम घोटाले में दो बाबू सस्पेंड चल रहे हैं। इस मामले में कई बड़े अधिकारी भी फंस रहे हैं। कुछ दिन पहले ही जीडीए वीसी ने दो बाबुओं को सस्पेंड किया। उनके पटल की फाइलें दूसरी जगह मिली थी। एसएसपी ने हाल ही में एक बुजुर्ग महिला की शिकायत पर जीडीए के 11 कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इन पर प्लाट में फर्जी तरीके से आवंटन निरस्त करने का आरोप है। ----------संजीव नागरथ को भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। वह अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का कर्मचारी नहीं हैं।-संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए

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