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बम्हेटा गांव में 14 तालाब, चिह्नित होंगे

बम्हेटा के एक तालाब का पट्टा निरस्त, 14 खाली कराएंगे हटेगा अतिक्रमण -बम्हेटा में 1980 में तालाब की जमीन का पट्टा किया गया, एडीएम ने किया निरस्त -लोनी तहसील में 139 तालाब, प्रशासन ने तालाब की खुदाई का काम शुरू कराया तालाबों को खाली कराने के लिए प्रशासन ने काम तेज कर दिया है। शहरी क्षेत्र के शाहपुर बम्हेटा गांव में एक तालाब के पट्टे को निरस्त कर दिया गया है। जबकि गांव में 14 अन्य तालाब भी राजस्व रिकार्ड में दर्ज हैं। इनको चिह्नित करने के लिए टीम गठित कर दी गई है। नगर निगम क्षेत्र के तालाबों को खाली कराने के लिए काम शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी तालाब खाली कराने के लिए एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई। लोनी क्षेत्र में तालाबों की खुदाई शुरू हो गई है। एनीजीटी के आदेशों पर पालन करने के लिए तालाबों को खाली कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत को जिम्मेदारी दी गई है। जबकि अन्य इलाकों में एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कब्जा हटाने के साथ ही जिन तालाबों की जमीनों के पट्टे कर दिए गए हैं, उनको भी निरस्त किया जा रहा है। एडीएम प्रशासन की अदालत ने शाहपुर बम्हेटा के एक तालाब का पट्टा कर दिया गया है। 1980 में सुखबीर सिंह पुत्र गुलाब के नाम कर दिया गया। 4300 वर्ग मीटर के इस तालाब की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। शिकायत के आधार पर एमडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह की अदालत ने यह पट्टा निरस्त कर दिया गया। अब तालाब को खुदवाया जाएगा। गांव में 14 तालाबों की होगी खोज शाहपुर बम्हेटा गांव के राजस्व रिकार्ड में 14 तालाब हैं। विभिन्न खसरों में दर्ज इन तालाबों का रकबा 2.8690 हेक्टेयर है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि टीम गठित करके इन तालाबों को चिह्नित करने के आदेश दिया गया है। नगर निगम क्षेत्र में 112 तालाब नगर निगम क्षेत्र में 112 तालाबों में से 40 तालाब खाली हैं। इनमें कोई अतिक्रमण नहीं है। 20 तालाबों में इसी सप्ताह कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश दिए। नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन एक तालाब का अतिक्रमण हटाने की योजना बनाई गई है। जिला अधिकारी मिनिस्ती एस ने नगर निगम से रोजाना एक तालाब खुदवाने के आदेश दिए हैं। तालाबों की जमीन पर बस गईं कॉलोनियां तालाबों की जमीन पर कॉलोनियां बस गई हैं। मकनपुर, सिहानी, रजापुर, नासिरपुर के तालाबों पर सरकारी कॉलोनियां बसा दी गईं। जबकि डॉ. लोहिया पार्क, सिटी पार्क मधुवन बापूधाम, सेंट्रल पार्क राजनगर, डॉ. अंबेडकर पार्क, स्वर्ण जयंती पार्क, इंदिरापुरम पौधशाला, सिटी फारेस्ट (झील) में तालाबों की जमीन आ गई है। अर्थला, मकनपुर, सिहानी, सद्दीकनगर, नूरनगर, दुहाई, सदरपुर आदि गांवों के तालाबों पर कब्जा हो गया है। कॉलेजों और संस्थाओं को गोद दिए जाएंगे तालाब नगर आयुक्त सीपी सिंह ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के तालाबों के सौंदर्यीकरण व उनके रखरखाव के लिए कॉलेजों और संस्थाओं को गोद दिया जाएगा। इससे तालाबों को बचाया जा सके। इसके लिए योजना बनाई गई है। इसके अलावा तालाबों पर कितना खर्च किया जाएगा, इसको आंकलन किया जाएगा। लोनी तहसील में 139 तालाब लोनी तहसील में 139 तालाब हैं। एसडीएम लोनी प्रेम रंजन के मुताबिक, जिन तालाबों पर कब्जा हो गया है, उनको खाली कराया जा रहा है। यह काम शुरू हो गया है। किसी भी तालाब को नहीं छोड़ा जाएगा। सभी से खाली कराया जाएगा। तमोदीनगर के 348 तालाबों पर है अवैध कब्जा मोदीनगर। अय्यूब खान एनजीटी के आदेश के बाद पिछले कई सप्ताह से चलाए जा रहे अभियान के बावजूद आज भी अरबों की कीमत की तालाबों की भूमि पर भूमाफिया के साथ-साथ कुछ अन्य विभागों का कब्जा बरकरार है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार तहसील क्षेत्र में करीब 291 हेक्टेयर भूमि पर कुल 490 तालाब हैं। इन तालाबों में कुल 469 तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए हैं। ये कब्जे भूमाफियाओं के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा भी किए गए हैं। गत दिनों एनजीटी के तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के सख्त निर्देशों के बाद अब तक इनमें से 121 तालाबों पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाकर मात्र 18 हेक्टेयर भूमि को ही कब्जामुक्त कराया जा सका है। अभी भी तहसील क्षेत्र की तीन हजार बीघा से अधिक की भूमि पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्जे किये हुए हैं। इनमें से अधिकांश भूमि पर तो सरकारी विभागों के कब्जे भी पाए गए हैं। एसडीएम अतुल कुमार के मुताबिक कब्जायुक्त 348 तालाबों को कब्जामुक्त कराने के लिये 1 जून से 31 जून तक जोरदार अभियान चलाया जायेगा। अभियान के दौरान एंटी भूमाफिया टॉस्क फोर्स के अलावा संबंधित थाने की पुलिस व तहसील की राजस्व टीम भी साथ रहेगी। एसडीएम के मुताबिक सर्वप्रथम तालाबों पर कब्जाधारकों की सूची तैयार की जा रही है। तीन प्रकार के कब्जे तालाबों में पर पाए गए हैं। इनमें से एक तो भूमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से किये गए कब्जे हैं, जिन्हें बलपूर्वक तत्काल हटाया जाएगा। दूसरे कुछ तालाबों पर कब्जाधारकों ने स्टे लिया हुआ है। ऐसे मामलों में स्टे तुड़वाने का प्रयास किया जायेगा साथ ही न्यायालयों में चल रहे ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीसरे कब्जे ऐसे हैं जो हटाये ही नहीं जा सकते ऐसे मामलों में कब्जाधारकों से भूमि की कीमत वसूलकर अन्य स्थानों पर तालाब तैयार किए जाएंगे।

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  • Web Title:थधछ 14 ponds in the village of Bhamtaa will be marked