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संशोधित :जीडीए में 30 दिन के भीतर ऑनलाइन नक्शे पास होंगे

गाजियाबाद| कार्यालय संवाददाता300 वर्ग मीटर से अधिक के भूखंड का नक्शा भी ऑनलाइन पास हो जाएगा। अभी तक 300 वर्ग मीटर तक के ही भूखंड पर यह सुविधा मिलती रही है। नई व्यवस्था को बॉयलाज में शामिल करने के लिए जीडीए की 25 जून को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। फिर मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए प्राधिकरण का चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। भारत सरकार के बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान 2017 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरण तथा आवास एवं विकास परिषद के एक काम्प्रीहेन्सिव यूनिफार्म बिल्डिंग कोड तथा आनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम लागू करना है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन की विशेष सचिव माला श्रीवास्तव ने जीडीए सहित प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए हैं। इसमें 300 वर्ग मीटर या इससे अधिक आवासीय व व्यवसायिक भूखंड का नक्शा ऑनलाइन पास कराने के नियम को तुरंत लागू करना होगा। इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास होने के बाद इसे तत्कालीन प्रभाव से लागू कर दिया जाएगा। जीडीए अधिकारी बताते हैं कि इस व्यवस्था के लागू होने से मानचित्र स्वीकृत कराने की प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता आ जाएगी। इसके शुल्क में भी एकरूपता लाई गई है। नक्शा पास करने वाली फाइल किस पटल पर कितने दिन रहेगी, यह भी तय किया गया है। अगर नक्शा और दस्तावेज अपलोड करने समय किसी विभाग की एनओसी भी देनी है और वह नहीं दी गई तो यह एनओसी दस दिन के भीतर देनी होती। अधिकारियों का कहना है कि पहले एक महीने इसे ट्रायल के रूप में चलाया जाएगा। अगर कोई दिक्कत आती है तो शासन स्तर पर अवगत कराएंगे। इसके बाद पूरी तरह काम शुरू कर दिया जाएगा।ऐसे काम करेगा सिस्टमजीडीए की वेबसाइट से ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम को जोड़ा गया है। इस सॉफ्टवेयर के जरिये व्यक्ति कभी से भी अपने भवन का नक्शा ऑनलाइन जमा करा सकता है। व्यक्ति को नक्शे के साथ जरूरू दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। साफ्टवेयर खुद इस नक्शे की स्क्रूटनी करेगा, अगर कोई गलती होती है तो आवेदक को गलती बताते हुए मेल कर दिया जाएगा। नहीं तो 30 दिन के भीतर इस नक्शे को स्वीकृति मिल जाएगी। भवन मानचित्र की स्वीकृति का शुल्क तयव्यावसायिक, शापिंग काम्प्लेक्स, शापिंग मॉल, सिनेमा मल्टीप्लेक्स, मिश्रित, कार्यालय उपयोग के लिए 30 रुपये प्रति वर्ग मीटर, ग्रुप हाउसिंग के लिए 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर और भूखंडीय आवासीय एवं अन्य उपयोग के लिए पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। इन लोगों को होगा फायदागाजियाबाद में तेजी से ग्रुप हाउसिंग और कॉम्प्लेक्स विकसित हो रहे हैं। माना जा रहा है कि राजनगर एक्सटेंशन, एनएच-9, दिल्ली मेरठ रोड, मधुबन बापूधाम, राजनगर, गोविंदपुरम, विजयनगर, सिद्धार्थ विहार सहित अन्य क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग और कॉम्प्लेक्स के प्रोजेक्ट आने वाले हैं, जो सभी 300 वर्ग मीटर से ज्यादा भूखंड पर विकसित होंगे। ऐसे में इन्हें बनाने वालों को इस प्रक्रिया का सीधे फायदा होगा।--भूखंड के अनुसार अधिकारी नियुक्त-500 वर्ग मीटर भूखंड क्षेत्रफल तक नगर नियोजक-500 से 2000 वर्ग मीटर तक मुख्य नगर नियोजक-2000 वर्ग मीटर से अधिक उपाध्यक्ष --हर पटल पर फाइल का समय तयजीडीए अधिकारी तय समय सीमाउपाध्यक्ष 3 कार्यदिवससचिव 2 कार्यदिवससीएटीपी 3 कार्यदिवसनगर नियोजक 3 कार्यदिवससहायक नगर नियोजक 4 कार्यदिवसअवर अभियंता 15 कार्यदिवस--भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर विकास शुल्कभूमि का क्षेत्रफल (हेक्टेयर) विकास अनुज्ञा शुल्क1.0 तक 10,0001.0 से अधिक एवं 2.5 तक 20,0002.5 से अधिक एवं 5.0 तक 30,0005.0 से अधिक तथा प्रत्येक अतिरिक्त 15,000--छोटे नक्शे ऑनलाइन होते हैं पासजीडीए में 300 वर्ग मीटर तक के भूखंडों का अभी भी नक्शा ऑनलाइन पास होता है। इसके लिए भूखंड स्वामी को पोर्टल पर नक्शे और दस्तावेजों की पूरी जानकारी देनी पड़ती है। कोई भी गलती नहीं होने पर प्राधिकरण 48 घंटे में नक्शा पास कर देगा है। अगर नक्शे में कोई संशोधन कराना है तो प्राधिकरण आवेदक को मेल से जानकारी भेज देता है।वर्जन300 वर्ग मीटर तक के ही नक्शे ऑनलाइन पास होते हैं। अब इससे अधिक वर्ग मीटर के नक्शे भी ऑनलाइन पास होने से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आ जाएगी। साथ ही आवेदक को प्राधिकरण के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।-कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए

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