गाजियाबाद में कचरे को लेकर सख्ती: 86 सोसायटियों और 35 संस्थानों को नोटिस, खुद ही करना होगा ये इंतजाम
इस सख्ती के पीछे लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) पर हर दिन पड़ रहे दबाव को कम करना है और साथ ही पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाना है। नए नियम सूखे और गीले कचरे को लेकर चले आ रहे दशकों पुराने नियम की जगह लेंगे।

गाजियाबाद नगर निगम ने 86 आवासीय सोसायटी और 35 संस्थानों (मैरिज होम, होटल और बड़े रेस्टोरेंट) को सूखे और गीले कचरे का सही से निपटान न करने के वजह से नोटिस जारी किया है। नए 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहे हैं मगर उससे पहले ही निगम ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। नए नियम सूखे और गीले कचरे को लेकर चले आ रहे दशकों पुराने नियम की जगह लेंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, निगम ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि सोसायटी और संस्थानों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की व्यवस्था खुद अपने ही परिसर में करनी होगी। इसके लिए उन्हें खुद ही मशीनरी लगानी होगी। यानी निगम की ओर से दो महीने बाद गीला कचरा नहीं उठाया जाएगा। इस सख्ती के पीछे लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) पर हर दिन पड़ रहे दबाव को कम करना है और साथ ही पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाना है।
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए हैं निर्देश
नगर स्वास्थ्य अधिकारी मिथिलेश कुमार ने कहा, 'हमने 86 सोसायटियों और 35 संस्थानों को नोटिस जारी किया है, क्योंकि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग नहीं कर रहे थे। हम उन्हें अपने परिसर के भीतर ही कचरा अलग करने का सिस्टम बनाने के लिए दो महीने का समय दे रहे हैं। ये सख्ती इसलिए भी दिखाई गई है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) 2026' को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।'
फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान
वहीं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा, ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम 2026 प्रशासन को सख्ती से निपटने में मदद करेगा। नियमों का पालन न करने पर कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। बिना रजिस्ट्रेशन के काम करने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। इससे गाजियाबाद नगर निगम सहित सभी नगर निकायों को नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की पूरी ताकत मिलेगी।’
बीते साल जुर्माना को लेकर दिखाई गई थी सख्ती
बीते साल निगम ने आवासीय और कमर्शियल प्रॉपर्टीज पर कचरे का सही से निपटान न करने पर जुर्माना लगाने की बात कही थी। यही नहीं नियमों की बार-बार अनदेखी करने वालों पर एफआईआर तक दर्ज करने की बात कही गई थी।
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक निगम ने बीते साल कहा था कि घरों में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग नहीं किया गया, तो पहली बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपये दूसरी बार 5,000 और तीसरी बार 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, तीसरी बार गलती करने पर हाउस टैक्स में मिलने वाली छूट भी दो साल के लिए खत्म कर दी जाएगी। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जलाते या कचरा फेंकते हुए पाए जाने पर, पहली बार में 5,000 रुपये और दूसरी बार में 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
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