
गाजियाबाद की ये 2 कॉलोनियां निगम के अधीन आएंगी, 2.5 लाख से अधिक लोगों को होगा फायदा
गाजियाबाद नगर निगम ने स्वर्ण जयंतीपुरम और भाऊराव देवरस कॉलोनी के हस्तांतरण की तैयारी पूरी कर ली है। निगम ने 34 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव तैयार किए हैं। यह रकम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) से ली जाएगी।
गाजियाबाद नगर निगम ने स्वर्ण जयंतीपुरम और भाऊराव देवरस कॉलोनी के हस्तांतरण की तैयारी पूरी कर ली है। निगम ने 34 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव तैयार किए हैं। यह रकम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) से ली जाएगी। इससे सीवर लाइन, सड़क और पार्कों की मरम्मत आदि विकास कार्य होंगे। निगम में दोनों कॉलोनियों के आने से विकास कार्य तेजी से होंगे।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कई साल पहले गोविंदपुरम से सटी स्वर्ण जयंतीपुरम और प्रताप विहार सेक्टर-12 स्थित भाऊराव देवरस कॉलोनी विकसित की थी। जीडीए अब तक दोनों कॉलोनियों में विकास कार्य और साफ-सफाई करा रहा है। यहां रहने वाले लोग निगम पार्षद चुनते हैं, लेकिन पार्षद विकास कार्य नहीं करा पाते। यही वजह है कि जल निकासी के लिए पर्याप्त नाले नहीं हैं। सीवर व्यवस्था ज्यादा ठीक नहीं है, कूड़ा निस्तारण नहीं हो रहा। कई पार्क भी बदहाल हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग कॉलोनियों को निगम के हस्तांतरण कराने की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में पिछले दिनों जीडीए और निगम अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें स्वर्ण जयंतीपुरम और भाऊराव देवरस कॉलोनी के हस्तांतरण पर चर्चा हुई थी।
निगम के उद्यान विभाग, प्रकाश विभाग, जलकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। 34 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। यह प्रस्ताव जीडीए को सौंपे जाएंगे। इसके बाद दोनों विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से स्वर्ण जयंतीपुरम और भाऊराव देवरस कॉलोनी का निरीक्षण करेंगे। यह रकम हस्तांतरण से पहले जीडीए को निगम को देनी होगी। निगम इससे अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराएगा।
ढाई लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा
निगम स्वर्ण जयंतीपुरम और भाऊराव देवरस कॉलोनी के हस्तांतरण के बाद विकास कार्य कराएगा। सूत्रों ने बताया कि जलकल विभाग ने सीवर लाइन पर कार्य कराने के लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। निर्माण विभाग ने भी लगभग सात करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया है। इसी तरह अन्य विभाग ने प्रस्ताव दिए हैं। विकास कार्य होने से दोनों कॉलोनी के करीब ढाई लाख लोगों को राहत मिलेगी। बता दें कि स्वर्ण जयंतीपुरम कॉलोनी में करीब 1650 मकान हैं। भाऊराव देवरस कॉलोनी में 630 मकान हैं।
विभाग के सर्वे के बाद निगम हाउस टैक्स वसूलेगा
दोनों कॉलोनियों के हस्तांतरण के बाद नगर निगम हाउस टैक्स वसूलेगा। इसके लिए टैक्स विभाग सर्वे कराएगा। निगम संपत्ति के अलावा पानी और सीवर कर भी लेगा। इन कॉलोनियों से जीडीए अभी विकास शुल्क वसूल रहा है। हस्तांतरण के बाद विकास शुल्क वसूलना बंद हो जाएगा। साथ ही पार्षद भी विकास कार्य करा सकेंगे।
इंदिरापुरम में विकास कार्य कराए जा रहे
जीडीए ने इंदिरापुरम योजना को विकसित किया था। इंदिरापुरम क्षेत्र में सात वार्ड हैं। इनमें से एक वार्ड मकनपुर पहले से ही निगम के हैंडओवर था। छह वार्ड निगम के हस्तांतरण नहीं थे। करीब एक साल पहले इंदिरापुरम भी निगम के हस्तांतरण हो चुका है। निगम के उद्यान विभाग, प्रकाश विभाग, जलकल विभाग, निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग इंदिरापुरम में विकास कार्य करा रहे। निगम का दावा है कि जल निकासी के लिए नालों का निर्माण कराया जा रहा है। सीवर लाइन दुरुस्त की जा रही। सीएम ग्रिड योजना में सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त, ''गोविंदपुरम की स्वर्ण जयंतीपुरम और भाऊराव देवरस कॉलोनी निगम को हस्तांतरण होनी है। इसकी तैयारी पूरी हो गई है। अब जीडीए और निगम अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें आगे की योजना पर मंथन होगा।''





