गाजियाबाद के ये 7 चौराहे होंगे जाम मुक्त, सूरत संवारने को GDA ने शुरू किया सर्वे
गाजियाबाद शहर में जाम की समस्या दूर करने के लिए यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। पहले चरण में सात स्थानों को जाम मुक्त करने के लिए एक विस्तृत पुनर्गठन योजना तैयार की गई है। इसके तहत जीडीए ने अब इस योजना का सर्वे शुरू कर दिया है।
गाजियाबाद शहर में जाम की समस्या दूर करने के लिए यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। पहले चरण में सात स्थानों को जाम मुक्त करने के लिए एक विस्तृत पुनर्गठन योजना तैयार की गई है। इसके तहत जीडीए ने अब इस योजना का सर्वे शुरू कर दिया है। एक महीने में यह सर्वे पूरा कर सभी स्थानों को दुरुस्त किया जाएगा।
गाजियाबाद में जाम की समस्या सबसे अधिक है। मुख्य मार्गों से लेकर आंतरिक सड़कों तक पर जाम रहता है। सबसे अधिक जाम सुबह और शाम के वक्त होता है। इस समस्या के कारण वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है। साथ ही सड़कों पर धीमी गति से रेंगती गाड़ियों से प्रदूषण भी फैलता है। ऐसे में शहर की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से निजात दिलाने के लिए जीडीए ने योजना तैयार की है। इसके तहत शहर के सात प्रमुख चौराहों की सूरत बदली जाएगी, ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो सके और लोग बिना रुके मंजिल तक पहुंच सकें।
इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने अर्बन मेट्रो ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड (यूएमटीसी) का चयन किया है। अब यूएमटीसी ने इन सभी स्थानों का विस्तृत सर्वे करना शुरू कर दिया है। इस सर्वे के आधार पर इन स्थानों की यातायात व्यवस्था, मार्गों की संरचना, सुबह और शाम के वक्त वाहनों का दबाव, दोपहर के वक्त वाहनों की स्थिति, पैदल यात्रियों की संख्या, किस रास्ते से सबसे अधिक वाहनों का दबाव है और किस मार्ग पर वाहनों की संख्या कम है। इन सभी का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि यहां लगने वाले जाम को दूर करने के लिए क्या बेहतर व्यवस्था की जा सकती है। अधिकारी बताते हैं कि चयनित कंपनी सभी पहलुओं का डेटा एकत्रित करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके बाद इन स्थानों के सुधारने पर काम किया जा सकेगा। इसके लिए विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन कर आगे की योजना तैयार होगी।
क्या बदलाव होगा : अधिकारी बताते हैं कि इस योजना का मकसद केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि यातायात को वैज्ञानिक तरीके से सुगम बनाना है। यदि किसी चौराहे की बनावट की वजह से जाम लग रहा है, तो उसके नक्शे में बदलाव किया जा सकता है। साथ ही सड़कों का मोड़ और चौड़ाई तकनीकी रूप से सही होगी। अधिकारी बताते हैं कि शहर में कई जाम पॉइंट ऐसे हैं, जिन्हें भारी निर्माण के बजाय बेहतर डिजाइन और थोड़े से बदलाव से ठीक किया जा सकता है।
राहगीरों का भी ध्यान
इन सभी स्थानों को सुधारने के लिए जो भी योजना तैयार होगी। इसके तहत वाहनों के कारण लगने वाले जाम को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही पैदल चलने वालों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। इसका भी ध्यान रखते हुए योजना बनेगी, ताकि यहां जाम की समस्या के साथ पैदल यात्री भी आसानी से चल सके।
यहां होगा कायाकल्प
जीडीए की ओर से जो योजना तैयार की गई है। इसके तहत हापुड़ तिराहा (ठाकुरद्वारा तिराहा), हापुड़ चुंगी, प्रताप विहार डीपीएस चौक, राजनगर एक्सटेंशन अजनारा इंटिग्रिटी चौक, आशियाना चौक, मधुबन बापूधाम रोटरी, बुनकर मार्ट चौक पर काम किया जाएगा। इन्हीं स्थानों का कंपनी सर्वे कर रही है।
नंद किशोर कलाल, उपाध्यक्ष, जीडीए, ''जीडीए ने पहले चरण में जिन स्थानों का चयन किया है। उनका सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की योजना तैयार होगी। इसमें अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा।''





