ये जेल से बाहर आएंगे तो फिर किसी के बेटे को मारेंगे, सूर्या की तेरहवीं पर भावुक हुईं मां

हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
Follow us on Google News
share

गाजियाबाद में बकरीद के दिन मारे गए सूर्या चौहान की तेरहवीं पर आयोजित शोक सभा में उसकी मां काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि सूर्या की हत्या के आरोपी जेल से बाहर नहीं आने चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो वे फिर किसी के बेटे को मार डालेंगे। हालांकि उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष जताया।

ये जेल से बाहर आएंगे तो फिर किसी के बेटे को मारेंगे, सूर्या की तेरहवीं पर भावुक हुईं मां

गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या चौहान की तेरहवीं पर बुधवार को शोकसभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर सूर्या की मां काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि हत्या के आरोपी जेल से बाहर नहीं आने चाहिए। आरोपियों के बाहर आने पर किसी और मां के बेटे के साथ वही होगा, जो मेरे बेटे के साथ हुआ।

बकरीद के दिन हुई थी हत्या

खोड़ा में बकरीद के दिन नवनीत विहार निवासी छात्र सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया गया था। अगले दिन उसकी मौत हो गई थी। मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया था, जबकि उसके पिता नवाब समेत चार जेल में हैं। बुधवार को सूर्या की मौत के 13वें दिन उसके घर के बाहर शोकसभा आयोजित हुई। सूर्या की मां सरोज ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग है कि आरोपियों को जेल से बाहर न निकलने दिया जाए। अभी एक मां का बेटा गया है। ये बाहर आएंगे तो फिर किसी के बेटे को मारेंगे। मैं सरकार और प्रशासन की कार्रवाई से वह संतुष्ट हूं।

बच्चे की क्षति को पूरा नहीं किया जा सकता

सूर्या के भाई यश ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहते हैं। सूर्या को श्रद्धांजलि देने पहुंचे शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि बच्चे की क्षति को पूरा नहीं किया जा सकता। परिवार कार्रवाई से संतुष्ट है। आवास दिलाने के लिए प्रक्रिया चल रही है।

सबका एनकाउंटर होना चाहिए

शोक सभा में पहुंचीं आस्था मां ने कहा कि सूर्या की हत्या में जितने लोग थे, सबका एनकाउंटर होना चाहिए। असद अकेला होता तो शायद सूर्या बच जाता। इसीलिए बाकी सभी भी उतने ही दोषी हैं। आज नहीं तो कल ये जमानत पर जेल से बाहर आ जाएंगे। इसीलिए एनकाउंटर हो और बुलडोजर चले।

सूर्या की याद में चौक का नामकरण

सूर्या का घर जिस गली में है, उसके बाहर ही चौक है। शोकसभा पर पूरी गली में टेंट आदि लगाया गया था। साथ ही चौक पर स्थानीय लोगों ने सूर्या चौक लिखा एक बोर्ड भी लगाया। लोगों का कहना था कि सूर्या की याद में इस चौक का नामकरण किया है। साथ ही मांग की है कि स्थानीय पार्षद के जरिए नगर पालिका की बोर्ड बैठक में जगह का नाम सूर्या चौक रखने का प्रस्ताव पास कराया जाए। वहीं, सूर्या हत्याकांड के बाद से ही इलाके में तनाव है। इसके चलते बुधवार को दो सहायक पुलिस आयुक्त के साथ 500 से अधिक पुलिसकर्मी इलाके में तैनात रहे।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।