काम की बात: गाजियाबाद से सीतापुर तक रेल का 4 लेन ट्रैक बिछाने से होंगे ये बड़े फायदे, UP के इन जिलों को लाभ

Praveen Sharma हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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रेल मंत्रालय ने गाजियाबाद से सीतापुर के बीच 403 किलोमीटर लंबे रेल रूट पर 4 लेन का ट्रैक बिछाने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इससे जहां गाजियाबाद के दो लाख यात्रियों को लाभ मिलेगा, वहीं मालगाड़ियों का भी संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

गाजियाबाद से सीतापुर तक रेल का 4 लेन ट्रैक बिछाने से होंगे ये बड़े फायदे, UP के इन जिलों को लाभ

गाजियाबाद से सीतापुर के बीच रेल का चार लेन का ट्रैक बिछने से गाजियाबाद के करीब दो लाख यात्रियों को लाभ मिलेगा। रेल मंत्रालय ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसके पूरा होने के बाद न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, मालगाड़ियों का भी संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

गाजियाबाद स्टेशन से रोजाना 400 ट्रेनें गुजरती हैं। इसमें से करीब 200 ट्रेनें यहां ठहरकर रवाना होती हैं। वर्तमान में गाजियाबाद से सीतापुर तक करीब 403 किलोमीटर लंबे इस रेल खंड पर दो लाइन बिछी हुई हैं। इस पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों का भी संचालन होता है। कई बार इस रेल खंड पर दबाव इतना बढ़ जाता है कि यात्री ट्रेनों को स्टेशन के बाहर रोककर एक-एक कर आगे की ओर रवाना किया जाता है। अब गाजियाबाद से सीतापुर रेल खंड तक तीसरी और चौथी लाइन बिछने के बाद इस समस्या का समाधान हो सकेगा।

इसके साथ ही मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होंगे, जिससे रेलवे लाइन पर यातायात दबाव कम होगा। इससे यात्री ट्रेनों की औसत गति में सुधार होगा और यात्रियों का सफर सुगम हो सकेगा। खास बात यह है कि हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर में बाईपास रेल लाइन और छह नए रेलवे स्टेशन भी बनेंगे। इससे लंबी दूरी की सुपर फास्ट ट्रेनें मुख्य स्टेशनों पर फंसे बिना तेजी से निकल सकेंगी।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस परियोजना के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिल गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

नौकरीपेशा लोगों को सहूलियत होगी

गाजियाबाद स्टेशन से रोजाना नौकरी करने वाले लोग पैसेंजर और लोकल ट्रेनों से जाते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी ट्रेनों के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते-जाते हैं। अभी इस रेलखंड पर अधिक दबाव होने के चलते कई बार ट्रेनों को आउटर पर ही रोक दिया जाता है और धीरे-धीरे निकाला जाता है,लेकिन इस रेलखंड के दोहरीकरण होने के बाद से ट्रेन बिना रुके ही तेजी से चल सकेंगी। वही गाजियाबाद स्टेशन से नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर से भी आकर लोग ट्रेन पकड़ते हैं।

सुपर फास्ट ट्रेन बिना रुके निकल सकेंगी

गाजियाबाद से सीतापुर तक 403 किलोमीटर लंबी तीसरी,चौथी लाइन से ट्रेनों की रफ्तार के साथ माल ढुलाई, व्यापार में भी इजाफा होगा। हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर में बाईपास लाइनें, छह नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे सुपर फास्ट ट्रेनें मुख्य स्टेशनों पर तेजी से निकल सकेंगी।

यूपी के इन जिलों को लाभ

● गाजियाबाद: मशीनरी और फार्मा उद्योग को मिलेगी नई गति

● हापुड़ और अमरोहा: कृषि उत्पादों और सुलभ हस्तशिल्प परिवहन

● मुरादाबाद: पीतल नगरी के निर्यात को मिलेगा बड़ा बूस्ट

● बरेली-शाहजहांपुर: फर्नीचर, वस्त्र, सीमेंट ढुलाई होगी सस्ती

● गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर में बाईपास रेल लाइनें और छह नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे

● 168% क्षमता से ज्यादा ट्रैफिक फिलहाल इस रूट पर

● 14,926 करोड़ रुपये होगी पूरी परियोजना की लागत

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़), दूधेश्वरनाथ (गाजियाबाद), दरगाह शाह विलायत (अमरोहा), नैमिषारण्य से संपर्क बढ़ेगा।

रोजगार के अवसर मिलेंगे

परियोजना निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को काम मिलेगा। उम्मीद जताई गई है कि ट्रैक के निर्माण के दौरान हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

करोड़ों की बचत होगी

सड़क के मुकाबले रेल से माल भेजना सस्ता होगा, जिससे सालाना करीब 2,877 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह प्रोजेक्ट पर्यावरण के अनुकूल है।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

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प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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