नहीं तो हम मर जाएंगे; गाजियाबाद की लड़कियों ने डिमांड के साथ पिता को दे दी थी धमकी
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वें मंजिल से कूदने वाली 3 लड़कियों के पिता ने अब कुछ नए खुलासे किए हैं। बच्चियों के पिता ने बताया है कि खुदकुशी करने से कुछ घंटे पहले उनकी बेटियों ने कहा था कि यदि उन्हें कोरिया नहीं ले जाया गया तो वह मर जाएंगी।

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वें मंजिल से कूदने वाली 3 लड़कियों के पिता ने अब कुछ नए खुलासे किए हैं। बच्चियों के पिता ने बताया है कि खुदकुशी करने से कुछ घंटे पहले उनकी बेटियों ने कहा था कि यदि उन्हें कोरिया नहीं ले जाया गया तो वह मर जाएंगी। पिता के मुताबिक बच्चियां साउथ कोरिया में रहना चाहती थीं और इसके लिए लागातार दबाव डाल रही थीं।
इस बीच गाजियाबाद पुलिस ने कहा कि वे परिवार के लोगों से पूछताछ कर रहे हैं और उनकी ओर से मीडिया से बातचीत के दौरान किए गए दावों की पड़ताल कर रहे हैं, खासतौर पर उन आरोपों को लेकर कि लड़कियों ने खुदकुशी 'ऑनलाइन टास्क बेस्ड गेम्स' की वजह से आत्महत्या की। बुधवार तड़के 2 बजे 11, 14 और 16 साल की इन तीन बहनों ने भारत सिटी में एक टावर के नौवें मंजिल पर स्थित घर से छलांग लगा दी।
परिवार के गेमिंग वाले दावों की जांच करेगी पुलिस
लड़कियों की खुदकुशी के तुरंत बाद पिता ने कई मीडिया संगठनों और पुलिस को बताया था कि बच्चियों ने यह कदम ऑनलाइन गेमिंग की वजह से उठाया गया। कुछ पुलिस अधिकारियों ने भी शुरुआत में यही बात कही। हालांकि, जांचकर्ताओं का कहना है कि अभी ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है। ट्रांस हिंडन जोन के डीसीपी निमिष पाटिल ने कहा, ‘अभी तक की जांच के मुताबिक, घटना के पीछे टास्क बेस्ड गेम नहीं है। पिता की ओर से किए गए दावे की जांच की जाएगी। उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। एक बार जब परिवार सहयोग की स्थिति में होगा तो हम उनके दावों को लेकर सबूत मांगेंगे।’
पिता ने कहा- रात 10 बजे हुई थी आखिरी बात, बेटियों ने कहा- कोरिया ले चलो
पाटिल ने कहा कि जिस कमरे से लड़कियों ने छलांग लगाई वहां मिला मोबाइल फोन उनकी मां का है। उन्होंने कहा, 'घटना से पहले कोई संदिग्ध मैसेज या फोन कॉल नहीं था। मोबाइल में टास्क बेस्ड गेमिंग का कोई सबूत नहीं है।' इस बीच उनके पिता ने घटना वाली रात लड़कियों से आखिरी बातचीत का खुलासा किया है। पिता ने कहा, 'मैंने करीब 10 बजे उनसे बातचीत की। मैंने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने डिनर कर लिया है और सो जाने को कहा। उन्होंने एक बार फिर जोर दिया कि मैं उन्हें कोरिया ले जाऊं। मैंने इनकार कर दिया। मैंने शाम 7 बजे उनका मोबाइल लिया था। लेकिन उन्होंने मां से वापस ले लिया और करीब 10 बजे तक फोन का इस्तेमाल किया। इसके बाद वे बिस्तर से उठीं और पूजा रूम में चली गईं। कुछ देर बाद हमने उन्हें जमीन पर गिरा पाया।'
पिता ने बेच दिए थे दो मोबाइल
पिता ने आगे कहा कि लड़कियां कोरियन म्यूजिक और डांस की लत में थीं। उन्होंने कहा, 'लड़कियों ने अपनी फोटो का इस्तेमाल प्रोफाइल पिक्चर के लिए करती थीं और जब मैं हटा देता था तो वह खाना छोड़ देती थीं।' पुलिस ने कहा कि अब तक की जांच के मुताबिक लड़कियां कोरियन कल्चर से बहुत प्रभावित थीं और घंटों कोरियन ड्रामा, पॉप वीडियोज और संबंधित कंटेंट देखती थीं। पाटिल ने कहा, ‘अब तक इस केस की पड़ताल सुसाइड के रूप में की जा रही है। यदि परिवार की ओर से टास्क बेस्ड गेमिंग को लेकर कोई सबूत दिया जाता है तो हम उस एंगल से भी पड़ताल करेंगे। पिछले 6-7 महीनों में पिता ने दो मोबाइल फोन बेचे थे, जिनका इस्तेमाल लड़कियां करती थीं। हम जांच के लिए उन डिवाइस को भी ट्रेस कर रहे हैं।’
'बार-बार कह रही थीं कोरिया ले चलो, नहीं तो...'
गुरुवार को जब लड़कियों के पिता से संपर्क किया गाया तो उन्होंने घटना को लेकर कुछ बातें बताईं। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वो क्यों कूंदीं, लेकिन वो मुझे कह रही थीं कि यदि उन्हें कोरिया नहीं ले जाया गया तो मर जाएंगी। वह बार-बार कह रही थीं कि मैं उन्हें वहां ले जाऊं। उन्होंने दो साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी और कहती थी कि वो कोरिया जाना चाहती हैं और वहीं पढ़ेंगी। उन्होंने अपने नाम भी बदल लिए थे और भारतीय नाम का इस्तेमाल नहीं करती थीं।' पिता ने कहा कि लड़कियां कोरियन कल्चर से बहुत प्रभावित थीं। जब भी भारतीयों को लेकर बात होती थी तो वह गुस्सा हो जाती थीं और कई बार खाना नहीं खाती थीं।
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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