बहुत डरावने हैं; UP में पुलिस ने की 5 गेम्स को बैन करने की सिफारिश, गाजियाबाद कांड में जिक्र

Feb 09, 2026 01:08 pm ISTSudhir Jha हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों के 9वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने सुसाइड नोट में लिखे गए पांचों गेमिंग ऐप पर प्रतिबंधित लगाने की सिफारिश की है।

बहुत डरावने हैं; UP में पुलिस ने की 5 गेम्स को बैन करने की सिफारिश, गाजियाबाद कांड में जिक्र

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों के 9वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने सुसाइड नोट में लिखे गए पांचों गेमिंग ऐप पर प्रतिबंधित लगाने की सिफारिश की है। ट्रांस हिंडन जोन से साइबर क्राइम मुख्यालय, लखनऊ को मामले की रिपोर्ट भेजी है।

खुदकुशी करने वाली 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी ने सुसाइड नोट में लिखा था कि कोरियन नहीं छोड़ पाएंगे। इसके साथ ही कई कोरियन मूवी, सीरीज, यूट्यूब चैनल और कार्टून चैनल के साथ पांच गेमिंग ऐप के नाम भी लिखे थे। ये गेम पॉपी प्लेटाइम, द बेबी इन यलो, ईविल नन, आईसक्रीम मैन गेम और आईस्क्रीम गेम हैं।

पॉपी प्लेटाइम 16 साल से अधिक आयु वाले खेल सकते हैं और बाकी चारों गेम भी 12 साल से कम के बच्चों के लिए नहीं हैं। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने कहा कि पांचों गेम साइबर एक्सपर्ट की राय के साथ प्रतिबंधित करने की सिफारिश की गई है। यह रिपोर्ट साइबर क्राइम मुख्यालय को भेजी है। किशोरियों की मौत की रिपोर्ट भी मुख्यालय भेजी जाएगी।

क्यों बैन की मांग

पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की राय के आधार पर रिपोर्ट में लिखा है कि ये सभी गेम डरावने हैं और बच्चे इनके आदी हो रहे हैं। किशोरियों के खुदकुशी करने और इन गेम के प्रति दीवानगी के बारे में भी लिखा गया है। साइबर क्राइम मुख्यालय को भेजी रिपोर्ट में लिखा है कि इन ऐप को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट भेजी गई है। आगे क्या निर्णय होगा, यह लखनऊ से ही तय किया जाएगा। दूसरी रिपोर्ट भी तैयार की जा रही: रिपोर्ट के अलावा किशोरियों की आत्महत्या की एक और रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेजी जाएगी। 11 फरवरी तक रिपोर्ट भेजी जानी है, जिसे इस मामले की जांच कर एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह तैयार कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलने से लेकर सभी के बयान, साक्ष्य और फील्ड यूनिट की रिपोर्ट शामिल होगी।

ट्यूशन के दौरान सही नाम लेने पर गुस्सा होती थीं

बच्चियों के मोबाइल का हद से ज्यादा आदी होने के बाद चेतन ने सोसाइटी में ही फ्लैट के अंदर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाली महिला के पास तीनों किशोरियों को भेजना शुरू किया था। पढ़ाने वाली महिला ने रविवार को पुलिस पूछताछ में कहा कि परिजनों के बताए नाम से बुलाने पर गुस्सा हो जाती थीं। यहां भी कोरियन की ही बातें दूसरे छात्रों से करती रहती थी।

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सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)


सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।


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