काम की बात: गाजियाबाद के मकान मालिकों के लिए गुड न्यूज, अब रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन
गाजियाबाद में अब मकान मालिक और किराएदार ऑनलाइन किरायानामा (रेंट एग्रीमेंट) पंजीकृत करा सकेंगे। निबंधन विभाग इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करने जा रहा है। इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

गाजियाबाद के मकान मालिकों के लिए एक गुड न्यूज है। घर, फ्लैट या अन्य आवासीय संपत्ति किराये पर देने वाले लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने जा रही है। निबंधन विभाग किरायानामा पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है, जिससे संपत्ति मालिक देश या विदेश में कहीं भी बैठे-बैठे अपना किरायानामा रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद लोगों को किरायानामा पंजीकरण के लिए उप निबंधक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग द्वारा तैयार की जा रही इस ऑनलाइन सेवा के तहत संपत्ति मालिक और किरायेदार दोनों विभाग की वेबसाइट पर जाकर निर्धारित फार्म भर सकेंगे।
भुगतान से लेकर सब कुछ हो जाएगा डिजिटल
आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के अलावा दोनों पक्षों की फोटो भी ऑनलाइन ही अपलोड की जाएगी। स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क का भुगतान भी पोर्टल के माध्यम से डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा।
सफल रही प्रक्रिया तो आगे बड़ा प्लान
अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में यह सुविधा केवल आवासीय संपत्तियों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इसके सफल संचालन के बाद भविष्य में व्यावसायिक संपत्तियों के किरायानामों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है। पंजीकृत किरायानामा होने से किराएदार और मकान मालिक दोनों के अधिकार सुरक्षित रहते हैं।
डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से क्या बदलेगा?
सहायक निबंधन आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से किरायानामा पंजीकरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे फर्जी दस्तावेजों और विवादों की संभावना भी कम होगी।
कानूनी विवाद की स्थिति में बनी रहती है स्पष्टता
नए नियमों के तहत अब न्यूनतम 500 रुपये के स्टांप पेपर पर किरायानामा पंजीकृत कराया जा सकता है। विभाग लगातार संपत्ति मालिकों से अपील कर रहा है कि वे पुराने तरीके से बने किराएनामों को छोड़कर पंजीकरण कराएं। पंजीकृत किरायानामा होने से किराएदार और मकान मालिक दोनों के अधिकार सुरक्षित रहते हैं और किसी भी कानूनी विवाद की स्थिति में स्पष्टता बनी रहती है।
समय, धन और श्रम तीनों की बचत होगी
नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ उन लोगों को मिलेगा जो नौकरी, व्यवसाय या अन्य कारणों से दूसरे शहरों अथवा विदेशों में रहते हैं। ऐसे लोगों को अपनी संपत्ति किराये पर देने के लिए अक्सर भारत आना पड़ता था या फिर प्रतिनिधि के माध्यम से लंबी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था से समय, धन और श्रम तीनों की बचत होगी।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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