शादी का झांसा देकर 4 साल तक रेप करता रहा, फिर दूसरी लड़की से विवाह रचा ली
गाजियाबाद के नंदग्राम थानाक्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से रेप करने का मामला सामने आया है। पीड़िता के मुताबिक आरोपी चार साल तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा और बाद में दूसरी लड़की से शादी कर ली। विरोध करने पर आरोपी के बड़े भाई ने फोन पर हत्या की धमकी दी।

गाजियाबाद के नंदग्राम थानाक्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से रेप करने का मामला सामने आया है। पीड़िता के मुताबिक आरोपी चार साल तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा और बाद में दूसरी लड़की से शादी कर ली। विरोध करने पर आरोपी के बड़े भाई ने फोन पर हत्या की धमकी दी।
दिल्ली के गोकलपुरी क्षेत्र में रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने नंदग्राम थाने में शिकायत दी कि अगस्त 2021 में वह एक निजी कंपनी में काम करती थी। वहां उसकी मुलाकात मुरादनगर की डिफेंस कॉलोनी निवासी सुभनीष कुमार से हुई ।
शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य दोस्ती रही, लेकिन छह महीने के भीतर यह संबंध प्रेम में बदल गया। इसी दौरान आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया और भरोसा दिलाया कि वह उसी के साथ जीवन बिताएगा। पीड़िता का आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। वह उसे अलग-अलग होटलों में ले जाता और शारीरिक संबंध बनाता रहा।
युवती ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार आरोपी ने उसे ओयो होटल में बुलाया और जबरन शराब पिलाई, जबकि उसने इसका विरोध किया था। इसके बावजूद आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाए। यह क्रम करीब चार वर्षों तक चलता रहा। वह जब भी शादी की बात करती तो वह किसी न किसी बहाने से टाल देता था।
मुनाफे का झांसा देकर साढ़े नौ लाख ठगे
साइबर अपराधियों ने मुनाफे का लालच देकर मुरादनगर क्षेत्र में रहने वाले युवक से 9.61 लाख रुपये ठग लिए। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मुरादनगर थाना क्षेत्र की शिवम विहार कॉलोनी में रहने वाले आशुतोष गौड़ ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि कुछ समय पहले उसके व्हाट्सऐप नंबर पर एक अज्ञात महिला ने संपर्क किया।
उसने अपना नाम ऐश्वर्या और खुद को मुंबई निवासी बताते हुए बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने एक अन्य व्यक्ति भावेश से संपर्क कराया, जिसने खुद को बेंगलुरु निवासी और एक क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का सलाहकार बताया। आशुतोष गौड़ आरोप है कि दोनों ने मिलकर उसे क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
उन्होंने एक लिंक भेजकर उससे वेबसाइट पर अकाउंट बनवाया और शुरुआत में 30 हजार रुपये निवेश करने को कहा। उसने दिए गए निर्देशों के अनुसार रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद वेबसाइट पर उसे मुनाफा दिखने लगा, जिससे उसका विश्वास और बढ़ गया। झांसे में आकर उसने अलग-अलग खातों में 9.61 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए। बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


