
चेतन ने नाजनीन से की तीसरी शादी; क्यों मान गईं पहली 2 पत्नियां; गाजियाबाद कांड में नए खुलासे
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या की गुत्थी को सुलझाने में जुटी पुलिस ने मंगलवार को भी परिजनों से पूछताछ की। अब पता चला है कि कैसे चेतन ने टीना से तीसरी शादी की और पहली दो पत्नियां नाराज होने के बाद साथ रहने को मान गईं।
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या की गुत्थी को सुलझाने में जुटी पुलिस ने मंगलवार को भी परिजनों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि तीनों बहनों के पिता चेतन प्रॉपर्टी, डीलिंग, वाहनों की खरीद फरोख्त, बैंकों के क्रेडिट कार्ड बनाने के साथ शेयर ट्रेडिंग और फॉरैक्स का कारोबार करते थे।
पुलिस ने मामले में सोमवार को चेतन के साढ़ू बने सगे भाई विष्णु, साली शालू और ससुर दिलीप से कई घंटे तक पूछताछ की थी। पुलिस जांच में सामे आया कि चेतन चार तरह के कारोबार करता था। उसके अलग-अलग बैंकों में तीन खाते भी हैं। पुलिस तीनों खातों का विवरण जुटा रही है ताकि उसकी आर्थिक स्थिति का पता चल सके। जांच में यह भी पता चला कि कोरोना काल से पहले तक प्रॉपर्टी डीलिंग और वाहनों की खरीद-फरोख्त के कारोबार से चेतन की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर थी। इस कारण उसने शेयर ट्रेडिंग का काम शुरू किया था।
काम पर टीना को रखा और फिर कर ली शादी
कोरोना काल में उसे शेयर के कारोबार में खासा नुकसान उठाना पड़ा और उसकी आर्थिक स्थिति खराब होती चली गई। इसके बाद उसने बैंकों का क्रेडिट कार्ड बनाने का काम लिया। इस काम में मदद के लिए चेतन ने 12वीं पास टीना उर्फ नाजनीन को काम पर रखा था। कुछ समय बाद उसका टीना से प्रेम संबंध हो गया। टीना के प्रेग्नेंट हो जाने के बाद चेतन ने उसके साथ कोर्ट मैरिज कर ली थी।
घर छोड़ गईं पत्नियां, फिर क्या कहकर मनाया
टीना से शादी के बाद सुजाता और हिना नाराज हो गईं। दोनों कुछ समय के लिए घर छोड़कर चली गईं। लेकिन बाद में वापस आ गईं। चेतन ने उन्हें इस बात पर मनाया कि बच्चों की परवरिश के लिए एक पढ़ी-लिखी महिला का होना जरूरी है। सुजाता और हिना चौथी और पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ी हैं और उनकी याददाश्त भी कमजोर है। इस कारण वे बच्चों का बेहतर मार्गदर्शन नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद दोनों घर वापस आ गईं।
तीन दिन ही गईं ट्यूशन
चेतन ने टीना के कहने पर तीनों बच्चियों को ट्यूशन भेजना शुरू किया था। पुलिस ने उनकी ट्यूशन टीचर से भी पूछताछ की। ट्यूशन टीचर ने पुलिस को बताया कि तीनों बहनें पढ़ने में बहुत ज्यादा कमजोर थीं। वह किसी वाक्य को एक बार में पूरा नहीं पढ़ पाती थीं। इसके अलावा उनका गणित भी बहुत ज्यादा कमजोर था। तीनों बहनों ने उनसे यह भी कहा था कि उन्हें गोद लिया गया है और वे कोरिया जाना चाहती हैं, लेकिन पापा इसके लिए राजी नहीं हैं। इस पर उन्हें बहुत अचरज हुआ और उन्होंने चेतन को यह बताते हुए अडवांस फीस लौटा दी। परिवार में पढ़ाई को लेकर कोई माहौल नहीं था।

लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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