गाजियाबाद में मदरसों का होगा सर्वे, खामियां मिलीं तो ऐक्शन; किन बातों की जांच?

हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
Follow us on Google News
share

गाजियाबाद में मदरसों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। अनियमितताएं पाए जाने पर मदरसों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किन बातों की होगी छानबीन? क्या है इसका मकसद? जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

गाजियाबाद में मदरसों का होगा सर्वे, खामियां मिलीं तो ऐक्शन; किन बातों की जांच?

गाजियाबाद में मदरसों का नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे का मकसद जिले के मदरसों का डाटा तैयार करना और उनकी मौजूदा स्थिति का आकलन करना है। सर्वे के दौरान छात्रों की संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता, भवन की स्थिति, पाठ्यक्रम, वित्तीय व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाएगी। वर्तमान में जिले में 228 मान्यता प्राप्त और 139 बिना मान्यता के मदरसे हैं। गड़बड़ियां पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह विभाग करेगा सर्वे

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अब जिले के सभी मान्यता प्राप्त और बिना मान्यता संचालित मदरसों की स्थिति का आकलन करेगा। सर्वे के बाद नियमों के विपरीत संचालित पाए जाने वाले मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

2022 में हुआ था सर्वे

जिले में वर्तमान समय में 228 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं, जबकि 139 मदरसे बिना मान्यता के संचालित होने की जानकारी जिला अल्प संख्यक विभाग के पास है। मदरसों का सर्वे वर्ष 2022 में कराया गया था। इसके बाद से जिले के मदरसों का कोई सर्वे नहीं हुआ है।

किन बातों की पड़ताल?

अब विभाग जिले में संचालित मान्यता प्राप्त व गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने की तैयारी कर रहा है। इस सर्वे में भवन की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी सत्यापन किया जाएगा। सर्वे के दौरान मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या, पाठ्यक्रम, आधारभूत सुविधाएं और प्रबंधन संबंधी जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।

जिले में एक भी अनुदानित मदरसा नहीं

जानकारी के अनुसार, जिले में एक भी अनुदानित मदरसा नहीं है। संचालित सभी मान्यता प्राप्त मदरसे या तो स्वयं के संसाधनों से संचालित होते हैं या अन्य माध्यमों से उनका संचालन किया जाता है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद बिना मान्यता संचालित संस्थानों को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

गड़बड़ियां मिलीं तो होगा ऐक्शन

कार्यवाहक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सर्वे के बाद जिन संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं मिलेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सर्वे का उद्देश्य जिले में संचालित मदरसों का डाटा तैयार करना और उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन करना होगा।

वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था की जुटाई जाएंगी जानकारियां

ऐसे में सर्वे के दौरान वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी जानकारी जुटाई जाएगी। सवेक्षण में यह भी पता लगाया जाएगा कि मदरसे को कहां से आर्थिक मदद मिलती है। अवैध फंडिंग पाए जाने पर भी ऐक्शन लिया जा सकता है।

सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट

अधिकारियों का कहना है कि सर्वे कार्य पूरा होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसा संचालकों में हाल ही में हुई कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।