गाजियाबाद के इस इलाके में भूजल दोहन करने वाली फैक्टरियां होंगी सील, कितना जुर्माना?

Jan 13, 2026 04:43 pm ISTKrishna Bihari Singh हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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गाजियाबाद जिले के एक खास इंडस्ट्रियल इलाके में भूजल का दोहन करने वाली फैक्टरियों पर ऐक्शन लिया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने वाली फैक्टरियों को अब सील किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

गाजियाबाद के इस इलाके में भूजल दोहन करने वाली फैक्टरियां होंगी सील, कितना जुर्माना?

गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया में भूजल का दोहन करने वाली फैक्टरियों पर ऐक्शन लिया जाएगा। इंदिरापुरम में शुरू हुए नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के बाद सभी फैक्टरियों के लिए पानी का कनेक्शन लेना अनिवार्य हो गया है। नियमों का पालन नहीं करने वाली फैक्टरियों को अब सील किया जाएगा। प्रशासन ने करीब 1250 कनेक्शन दे दिए हैं लेकिन 150 फैक्टरियों ने अब तक कनेक्शन नहीं लिए हैं। अवैध रूप से जमीन से पानी निकालने वाली फैक्टरियों पर दो से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

भूजल दोहन करने वाली फैक्टरियां होंगी सील

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में भूजल दोहन करने वाली फैक्टरियां सील होंगी। अब तक करीब 150 फैक्टरियों ने पानी के कनेक्शन नहीं लिए हैं। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में पानी आपूर्ति के लिए टेरेटिरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) शुरू हो गया है। इसके बाद फैक्टरियों के लिए पानी का कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। अब कोई भी फैक्टरी भूजल दोहन नहीं कर सकेगी।

पांच लाख तक का जुर्माना

ऐसा करने वाले पर दो लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया कि साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में पानी आपूर्ति के लिए 40 एमएलडी का टीएसटीपी लगाया है।

95 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली

इस संयंत्र में सीवर का पानी भी शोधित हो रहा है। पानी आपूर्ति के लिए 95 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली है। साथ ही एक टंकी का निर्माण कराया है। 40 लाख की क्षमता वाला अंडर ग्राउंड टैंक बनाया है। यह प्लांट इंदिरापुरम में बनाया है, जिसे चालू कर दिया है।

150 में पानी कनेक्शन नहीं

1250 फैक्टरियों में पानी कनेक्शन हो गए हैं। करीब 150 में पानी कनेक्शन नहीं हैं। उन्होंने बताया कि जिन फैक्टरियों में पानी कनेक्शन नहीं हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। यदि कोई फैक्टरी भूजल दोहन करती मिली तो कार्रवाई करने के लिए भूगर्भ विभाग को पत्र लिखा जाएगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने बताया कि फैक्टरियों को 36 एमएलडी शोधित पानी की आपूर्ति की जा रही है। यह पानी पीने योग्य भी है।

45 रुपये में एक हजार लीटर पानी

निगम फैक्टरियों के लिए 45 रुपये में एक हजार लीटर पानी दे रहा है। जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने बताया प्लांट शुरू होने के बाद साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में पानी संकट खत्म हो गया है। इससे राहत मिली है। भूजल दोहन नहीं होने से जल स्तर में सुधार होगा।

Krishna Bihari Singh

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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