
गाजियाबाद में मां ही निकली कुमाता! छत से पटककर ले ली नवजात बच्ची की जान
गाजियाबाद के सिहानी गेट थानाक्षेत्र में मकान की छत पर मृत मिली नवजात बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने बच्ची की 19 वर्षीय मां झरना को हिरासत में ले लिया है, जिसने कबूल किया कि वह बच्चा नहीं चाहती थी और जीवित पैदा होने पर बच्ची को छत पर पटककर मार दिया था।
गाजियाबाद के सिहानी गेट थानाक्षेत्र में शुक्रवार सुबह मकान की छत पर मृत अवस्था में मिली नवजात बच्ची को मां ने ही पटककर मारा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर मां को हिरासत में ले लिया है।
राकेश मार्ग की गली नंबर तीन में रहने वाले विनय रावत के मकान की दूसरी मंजिल पर नवजात बच्ची का शव मिला था। पुलिस की जांच में पता चला कि पड़ोस में रहने वाली सविता की बहन झरना ने बच्ची को जन्म दिया था। पुलिस ने झरना से पूछताछ की तो उसने दावा किया था कि बच्ची मृत अवस्था में पैदा हुई थी। घबराकर उसे छत से खाली प्लॉट की ओर फेंका था, लेकिन वह पड़ोसी की छत पर जा गिरी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो पता चला की बच्ची जीवित ही पैदा हुई थी और उसकी मौत चोट लगने से हुई है। पुलिस ने इसके आधार पर झरना को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कुबूल कर लिया। उसका कहना था कि वह गरीब है। उम्र भी 19 साल है। वह अभी बच्चा नहीं चाहती थी। उसने गर्भ में ही बच्ची को मारने के लिए दवाई ली थी, लेकिन बच्ची जीवित पैदा हो गई। ऐसे में बच्ची को पड़ोसी की छत पर पटक दिया।
एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय ने बताया कि झरना को हिरासत में ले लिया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
महिला की बहन को भी आरोपी बनाया जाएगा
झरना मूलरूप से ओडिशा की रहने वाली है। उसकी शादी ओडिशा के बालेश्वर में कुंवरपुर मकड़िया गांव के रहने वाले बादल से करीब नौ माह पहले हुई थी। बादल गांव में ही मजदूरी करता है। झरना 20 दिन पहले बादल से झगड़े के बाद अपनी बहन सविता के घर आ गई थी। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार तड़के झरना को प्रसव पीड़ा हुई तो वह छत पर चली गई। इसी दौरान बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को जीवित देखते ही उसने उसे छत पर पटक दिया था। पुलिस के मुताबिक, सविता को भी इसकी जानकारी थी। ऐसे में उसे भी आरोपी बनाया जाएगा।





