गाजियाबाद में 77 आवासीय प्लॉट की स्कीम लॉन्च; कब से आवेदन, कैसे होगा आवंटन?
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने 77 आवासीय भूखंडों की योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके ब्रोशर का विमोचन किया है। कब से लिए जाएंगे आवेदन? कैसे होगा आवंटन? इस रिपोर्ट में जानें…

गाजियाबाद में नंदग्राम योजना के नूरनगर में 77 आवासीय भूखंडों की योजना लॉन्च की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हिंडन एयरपोर्ट पर योजना के ब्रोशर का विमोचन किया। अब योजना के लिए 25 फरवरी से आवेदन शुरू होंगे। 15 मार्च आवेदन की अंतिम तिथि है। प्राधिकरण पहली बार इस योजना में ई लॉटरी प्रक्रिया अपनाएगा, जो 25 मार्च को होगा।
आठ हजार वर्ग मीटर जमीन पर प्लाट
जीडीए ने नंदग्राम योजना के खसरा संख्या 96 व 97 पर रिक्त पड़ी करीब आठ हजार वर्ग मीटर जमीन पर भूखंड विकसित की है। यहां 1.07 करोड़ रुपये से बाहरी चार दीवारी कराई गई। साथ ही आंतरिक विकास कार्य भी कराए गए।
77 प्लाट हैं तैयार
प्राधिकरण ने इसका लेआउट तैयार कर यहां 77 भूखंड तैयार किए हैं, जो विभिन्न क्षेत्रफल के हैं। साथ ही हरियाली से लेकर सड़कों की चौड़ाई का भी विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही आंतरिक विकास कार्य जैसे सड़क, नाली नाले, खंभे आदि की व्यवस्था कराई गई है।
कब से आवेदन?
रविवार को जीडीए ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हिंडन एयरफोर्स पर इस योजना के ब्रोशर का विधिवत विमोचन कराया। इसके बाद अब 25 फरवरी से इसके आवेदन शुरू होंगे। जीडीए ने भूखंड की दर 79 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की है।
ऑनलाइन लिए जाएंगे आवेदन
जीडीए का दावा है कि करीब 14 वर्ष बाद विकसित की गई नई भूखंडीय योजना का लोगों को लाभ मिलेगा। अधिकारी बताते हैं कि इसके आवेदन ऑनलाइन माध्यम से ही होंगे। पंजीकरण के वक्त भूखंड मूल्य का दस फीसदी और आरक्षित वर्ग के लिए पांच फीसदी राशि देनी होगी।
किस डेट से आवंटन?
जीडीए के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नंदग्राम योजना में 77 आवासीय भूखंडों की योजना का विमोचन किया। इच्छुक लोग 25 फरवरी से आवेदन कर सकते हैं। इसका पहली बार 25 मार्च को आवंटन किया जाएगा।
कैसे होगा आवंटन?
भूखंडों का आवंटन जीडीए पहली बार ई लॉटरी प्रणाली के माध्यम से करेगा। आवंटन पत्र प्राधिकरण की अधिकारिक वेबसाइट से डिजिटल रूप से दिया जाएगा।
छोटे-बड़े श्रेणियों के हैं भूखंड
योजना में छोटे-बड़े भूखंड शामिल हैं। इसमें मुख्य रूप से 60 वर्ग मीटर तक के कुल 23 भूखंड, 61 से 90 वर्ग मीटर के 28 भूखंड, 91 से 120 वर्ग मीटर के कुल आठ भूखंड, 121 वर्ग मीटर से 222 वर्ग मीटर तक के 18 भूखंड शामिल हैं। साथ ही पार्क की भी व्यवस्था की गई है। इन भूखंडों के सामने सड़क भी चौड़ी रखी गई है, ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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