मकान में हर मंजिल के निर्माण पर देनी पड़ेगी फीस? गाजियाबाद नगर निगम की क्या नई योजना
गाजियाबाद नगर निगम शहर में बनने वाले मकान की अतिरिक्त मंजिल बढ़ाने पर अलग से शुल्क लेगा। हर मंजिल के निर्माण पर शुल्क लिया जाएगा। निगम जल्द कार्य योजना तैयार करेगा। निगम की अगली बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद शुल्क राशि तय होगी।

गाजियाबाद नगर निगम शहर में बनने वाले मकान की अतिरिक्त मंजिल बढ़ाने पर अलग से शुल्क लेगा। हर मंजिल के निर्माण पर शुल्क लिया जाएगा, जो सीवर लाइन ठीक करने के लिए वसूला जाएगा। निगम जल्द कार्य योजना तैयार करेगा। निगम की अगली बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद शुल्क राशि तय होगी।
निगम की कार्यकारिणी बैठक में पार्षद नरेश जाटव ने मुद्दा उठाया कि कई वार्ड में सीवर लाइन डाल दी गई, लेकिन लोगों से शुल्क नहीं वसूला जा रहा। इसी तरह अन्य पार्षदों ने भी सीवर का मुद्दा उठाया।
पार्षद राजीव शर्मा ने कहा कि शहर की आबादी बढ़ रही है, मगर सीवर शुल्क नहीं बढ़ रहा। इस पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कार्यकारिणी को बताया कि शहर में मकान पर अतिरिक्त मंजिल बढ़ाने पर स्ट्रेंथनिंग शुल्क लिए जाने की योजना है। शहर में जब चार मंजिल तक मकान बनाए जा सकते हैं तो उनसे सीवर शुल्क अलग से लिया जाएगा। यानी की मंजिल के हिसाब से निगम अलग से शुल्क वसूलेगा। नगर आयुक्त ने इसकी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया अगली बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा। उसी दौरान शुल्क राशि तय की जाएगी। कार्यकारिणी ने इस पर सहमति दे दी।
सोलर पैनल लगाने पर गृहकर में 900 रुपये की छूट मिलेगी : निगम की तरफ से सोलर पैनल लगाने पर एक हजार रुपये छूट देने का प्रस्ताव रखा। नगर आयुक्त ने बताया निगम के जागरूक करने पर यदि कोई व्यक्ति घरों की छत पर सोलर पैनल लगवा रहा है तो उसे हाउस टैक्स जमा करने पर छूट दी जाएगी। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि छूट 900 रुपये ही दी जाएगी।
नई कमर्शियल संपत्ति पर बाजार दर से किराया लिया जाएगा
निगम अब नई कमर्शियल संपत्ति पर बाजार दर से किराया लेगा। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि संपत्ति को किराये पर देने के लिए प्रीमियम राशि नहीं ली जाएगी। प्रीमियम राशि देने पर लोग मालिकाना हक जताने लगते हैं। उन्होंने कहा बाजार दर से किराया लेने से निगम की आय बढ़ेगी। वहीं महापौर ने कहा कि अवैध विज्ञापन लगाने वालों पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि वार्ड की आबादी के हिसाब से सफाई कर्मचारी रखे जाएंगे। किसी वार्ड में कम तो किसी में ज्यादा सफाई कर्मचारी है।


