गाजियाबाद में सीवर की जहरीली गैस से बनेगी बायो CNG, नगर निगम के वाहनों में होगा इस्तेमाल
गाजियाबाद नगर निगम डूंडाहेड़ा में पीपीपी मॉडल पर बायो-सीएनजी प्लांट लगाएगा, जहां सीवर की जहरीली गैसों से ईंधन बनाया जाएगा। साथ ही जीडीए अपनी महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना को भी जल्द लॉन्च करेगा।
डूंडाहेड़ा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर सीवर के पानी और मलबे से बायो सीएनजी बनाई जाएगी। इसके लिए नगर निगम और संबंधित कंपनी के बीच करार हो गया है।
निगम का जलकल विभाग जनवरी में वर्क ऑर्डर जारी करेगा। जहरीली गैसों को इकट्ठा कर ईंधन बनाया जाएगा। गैस नगर निगम के वाहनों में भी इस्तेमाल होगी। इससे प्रदूषण कम होगा और राजस्व भी मिलेगा। यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप मॉडल पर बनाया जाएगा। एक निजी कंपनी प्लांट लगाएगी। डूंडाहेड़ा में 70 एमएलडी क्षमता वाला प्लांट बनेगा। लगभग 1500 से 5000 किलो बायो सीएनजी प्रतिदिन बनने की उम्मीद है। हालांकि, यह गीले कचरे की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने कहा कि जीडीए ने वर्ष 2025 में शहर के विकास को लेकर बेहतर काम किया है। इससे प्राधिकरण की आय भी बढ़ी। अब वर्ष 2026 में प्राधिकरण कई महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरा करेगा या उन्हें शुरू कराएगा। इसमें प्राधिकरण की हरनंदीपुरम टाउनशिप प्रमुख है, जिसे तीन से चार माह में लॉन्च करने की योजना है।
नए साल पर तीन पुलिस चौकियां शुरू
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर जोन में नए साल पर तीन नई पुलिस चौकियां शुरू की गई हैं। विभाग ने मेरठ तिराहा, गुलधर और दुहाई चौकी को शुरू किया है।
डीसीपी नगर धवल जायसवाल ने बताया कि नई चौकियों की स्थापना त्वरित कार्रवाई, गश्त व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। मेरठ तिराहा पुलिस चौकी में पटेल नगर ए, बी, सी और डी ब्लॉक के अलावा बोंझा, नमो भारत गाजियाबाद स्टेशन और शहीद स्थल को शामिल किया गया है।
40 स्थानों पर कैमरे लगेंगे
शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आईटीएमएस-2 (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) योजना लाई जाएगी। दूसरे चरण में शहर के लगभग 40 स्थानों पर आधुनिक कैमरे लगेंगे। नगर निगम ने आईटीएमएस-2 की डीपीआर तैयार कर ली है।





