गाजियाबाद नगर निगम का बड़ा फैसला, 150 जगहों पर लगेंगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

Jan 16, 2026 04:03 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, दीपक सिरोही, गाजियाबाद
share Share
Follow Us on

गाजियाबाद नगर निगम शहर के गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए 145 स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने दो करोड़ रुपये का बजट दिया है।

गाजियाबाद नगर निगम का बड़ा फैसला, 150 जगहों पर लगेंगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

गाजियाबाद नगर निगम शहरी क्षेत्र में तेजी से गिरते भूजल सुधार के लिए 145 स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएगा। इसके लिए निगम को केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से दो करोड़ रुपये मिले हैं। 15वें वित्त की बैठक के बाद निगम वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए टेंडर निकालेगा। बता दें कि गाजियाबाद के कई इलाकों में जलस्तर 300 से 350 फुट तक नीचे गिर गया है जिससे सरकारी नलकूप फेल हो रहे हैं। निगम जल्द ही टेंडर निकालकर मुख्य पार्कों और जलभराव वाले स्थानों पर यह सिस्टम लगाएगा।

तेजी से गिर रहा भूजल

शहरी क्षेत्र में सिटी जोन, विजयनगर, कविनगर, वसुंधरा और मोहननगर जोन हैं। शहरी क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। निगम पहले 180 से 200 फुट पर पानी का बोरिंग करता था,लेकिन तीन साल से भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। वहां 300 से 350 फुट पर पानी पहुंच गया। भूजल स्तर गिरने से नलकूप फेल हो रहे हैं। विजयनगर के बाद मोहननगर जोन में भी स्थिति ठीक नहीं है। वहां भी जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है।

145 स्थानों पर लगाए जाएंगे सिस्टम

निगम ने भूजल स्तर में सुधार के लिए 145 स्थान पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। शहर के मुख्य पार्क और बारिश के दिनों में जल भराव वाले स्थान पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। बता दें कि इससे पहले भी निगम 100 पार्कों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा चुका है।

तीन मीटर सालाना की गिरावट आ रही

गाजियाबाद शहर के उन इलाकों में भूजल स्तर में गिरावट कम है, जहां आसपास तालाब है और उद्योग नहीं है। इनमें दुहाई, सदरपुर, महरौली, शाहपुर बम्हेटा आदि गांव शामिल हैं। यहां आवासीय क्षेत्र में जितना जलदोहन हो रहा है उससे 50 प्रतिशत तक रीचार्ज भी हो रहा है। इन क्षेत्र में भूजल स्तर में औसतन सालाना गिरावट करीब 0.5 से 0.75 मीटर तक की दर्ज की जा रही है। दूसरी ओर औद्योगिक या सघन आबादी वाले क्षेत्र में 2.5 से 3 मीटर सालाना की गिरावट आ रही है।

अवैध रूप से दोहन हो रहा

शहर में अवैध तरीके से जल दोहन हो रहा है। अवैध कॉलोनियों की संख्या बढ़ रही है। उनमें समर्सिबल से भूजल का खूब दोहन किया जा रहा है। इसके अलावा शहर में दो से ढ़ाई हजार अवैध आरओ प्लांट चल रहे हैं। कार की धुलाई में भी पानी की बर्बादी हो रही है।

गाजियाबाद में 40 स्थानों पर निगरानी की जा रही

भूगर्भ जल विभाग शहर में 40 स्थान पर पीजोमीटर के जरिये भूजल स्तर की निगरानी कर रहा है। प्रत्येक वर्ष मानसून से पहले और बाद में भूजल स्तर की रीडिंग ली जा रही है। विभाग के अनुसार कुछ साल में साहिबाबाद गांव में पानी का स्तर 9.4 मीटर और अर्थला में 9.22 मीटर नीचे चला गया। नूरनगर, राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र की स्थिति भी अच्छी नहीं है।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें