3500 करोड़ रुपए से चमकेगा गाजियाबाद, नगर निगम ने बजट पास किया; इन कामों पर रहेगा जोर

हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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गाजियाबाद नगर निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये का बजट पास किया है। शुक्रवार को महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में हुई बोर्ड बैठक में बजट पेश किया गया। बजट में सबसे ज्यादा 2436 हजार करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग को आवंटित किया गया है।

GZB nagar nigam

वित्त वर्ष 2026-27 में गाजियाबाद को साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के बजट से संवारा जाएगा। नगर निगम की बोर्ड बैठक में शुक्रवार को बजट पास हो गया। इससे शहर में नए विकास कार्य भी कराए जाएंगे और विकास कार्यों को गति दी जाएगी। वहीं, बोर्ड बैठक में पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों पर हंगामा भी किया।

महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में बोर्ड बैठक शुरू हुई। मुख्य लेखाधिकारी ने बैठक में बजट रखा। साथ ही पार्षदों को आय और व्यय की जानकारी दी। निगम की वित्त वर्ष में लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये की आय प्रस्तावित है। निगम के पास अंतिम अवशेष के 1048 करोड़ से अधिक रुपये होंगे। निगम के पास तीन हजार करोड़ से अधिक का बजट है। इसमें से विकास कार्यों पर 2954 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निगम के पास अगले वित्त वर्ष के लिए 5567 हजार करोड़ रुपये अंतिम अवशेष के रहेंगे।

महिला पार्षद के अपमान पर हंगामा

नामित पार्षद सुनील यादव ने कार्यकारिणी सदस्यों को विकास कार्य कराने के लिए अलग से एक-एक करोड़ रुपये बजट के प्रस्ताव पर हंगामा किया। उन्होंने सदन में कहा कि यह गुंडागर्दी नहीं चलेगी। इस पर सदन में हंगामा हो गया। वहीं, पार्षद पूनम सिंह ने जैसे ही अपनी बात रखनी शुरू की तो नामित पार्षद भगवत गुप्ता ने उन्हें धमकाने के लहजे में चुप करा दिया। इस पर पार्षद अपनी सीट से खड़े होकर नारी शक्ति का अपमान कहने लगे। ज्यादा हंगामा होते महापौर और नगर आयुक्त ने पार्षदों को शांत कराया। नगर आयुक्त ने सदन की तरफ से खेद प्रकट किया।

संक्रामक रोग की रोकथाम पर भी रकम खर्च की जाएगी

स्वास्थ्य विभाग को बजट में 2436 हजार करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं। यह रकम रात्रि सफाई, नालों की सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अनुरक्षण कार्य पर खर्च होगी। संक्रामक रोग की रोकथाम की जाएगी। नालों से निकली सिल्ट उठाई जाएगी। किराये पर चल रही गाड़ियों का भुगतान होगा।

पेयजल आपूर्ति सहित सीवर व्यवस्था में सुधार के कार्य होंगे

जलकल विभाग को 121 करोड़ से अधिक का बजट आवंटित हुआ है। शहर में कई जगह नई पाइप लाइन डाली जाएगी। नलकूप लगाए जाएंगे। सीवर व्यवस्था में सुधार होगा। गंगाजल पेय योजना आदि कार्य कराए जाएंगे। 15 करोड़ रुपये इंदिरापुरम क्षेत्र में पेयजल और सीवर व्यवस्था में सुधार करने पर खर्च होंगे।

पुल, सड़क और भवनों के निर्माण कार्य में तेजी आएगी

निर्माण विभाग पुलिया का निर्माण, मरम्मत कार्य, सड़कों की मरम्मत, भवन निर्माण और मरम्मत कार्य, सड़कों के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा आदि पर 288 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। महापौर 15 करोड़ से और नगर आयुक्त दस करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च कर सकेंगे।

हर वार्ड में हरियाली बढ़ाने पर जोर रहेगा

उद्यान विभाग को बजट में 71 करोड़ 50 लाख का बजट आवंटित हुआ है। इस राशि को पार्कों की मरम्मत पर खर्च किया जाएगा। चारदीवारी कराई जाएगी। फुटपाथ और हरित पट्टी विकसित होंगी। इसके अलावा शिक्षा और खेलकूद पर 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

प्रकाश व्यवस्था में सुधार कर शहर रोशन होगा

प्रकाश विभाग को बजट में साढ़े 34 करोड़ से का बजट आवंटित किया है। पिछले साल हुए कार्यों की देखभाल की जाएगी। पार्कों के अंदर प्रकाश व्यवस्था में सुधार होगा। कई जगह नई लाइट और खंभे लगाए जाएंगे।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

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