गाजियाबाद में SIR से 8 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटे, 3.94 लाख की नहीं हुई पहचान
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद में वोटर लिस्ट के एसआईआर के तहत 8,18,139 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इनमें सबसे बड़ा कारण मतदाताओं का दूसरे जिलों में स्थानांतरण और सूची में नाम होने के बावजूद पहचान न होना है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद में वोटर लिस्ट के एसआईआर के तहत 8,18,139 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इनमें सबसे बड़ा कारण मतदाताओं का दूसरे जिलों में स्थानांतरण और सूची में नाम होने के बावजूद पहचान न होना है।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार 3,59,889 मतदाता जनपद छोड़कर अन्य जिलों में चले गए। इसके अलावा 63,824 हजार मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। जो मतदाता यहां से शिफ्ट हो गए, उनके वोट पिछले कई चुनाव से वोटर लिस्ट में शामिल थे। यहां से चले जाने के कारण उन्होंने अपनी वोट यहां से नहीं हटवा सके। इसी कारण उनके नाम लगातार वोटर लिस्ट में बने चाले आ रहे थे। अब मतदाता सूची में ऐसे सभी मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। वहीं, करीब 3.94 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। यानी इनके बारे में कोई जानकारी नहीं लग सकी। इन सभी मतदाताओं के नाम भी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। नए मतदाता सूची में जिले की पांचों विधानसभाओं में 8,18,139 मतदाता कम हो गए।
3.99 लाख मतदाता सूची से हटाए गए
साहिबाबाद विधानसभा से सबसे ज्यादा मतदाता सूची से बहार हुए हैं। इस विधानसभा में कुल 10.42 लाख मतदाताओं में से 3.99 लाख मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यहां बाहर जाने वाले मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक पाई गई है। तेजी से बढ़ते रोजगार और आवासीय बदलाव इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

वहीं, मुरादनगर विधानसभा में भी दूसरे जिलों में स्थानांतरित होने वाले मतदाताओं की संख्या काफी ज्यादा सामने आई है। इससे यहां की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
कई बार से थे सूची में मृतकों के नाम
एसआईआर के दौरान पता चला कि जिले में कई चुनाव से मतदाता सूची में वह नाम नहीं हटे जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। अब अभियान के दौरान मृतक मतदाताओं की सूची तैयार की गई है। इन सभी मतदाताओं की नाम सूची से हटाए गए हैं। अब तक जनपद में 63,824 मतदाता ऐसे सामने आए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इन सभी मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
सौरभ भट्ट, एडीएम वित्त एवं प्रशासन, ''एसआईआर कार्य के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। किसी भी प्रकार की आपत्ति 6 फरवरी तक दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा नए मतदाता भी अपने नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए फॉर्म भर सकते हैं।''





