
गाजियाबाद के किसानों का 15 साल का इंतजार खत्म,कल से मिलेंगे भूखंड
जीडीए गाजियाबाद 27 और 28 नवंबर को हिंदी भवन में मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित 647 किसानों के लिए भूखंड आवंटन का ड्रॉ निकालेगा, जिससे 15 साल से भूखंड का इंतजार कर रहे किसानों को विकसित जमीन की एवज में नियमानुसार प्लॉट मिल सकेंगे।
मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित किसानों का 15 साल का इंतजार खत्म होगा। उन्हें अब भूखंड मिलेंगे। 27 और 28 नवंबर को जीडीए हिंदी भवन में किसानों को भूखंड देने के लिए ड्रॉ निकालेगा। दो चरणों में होने वाले ड्रॉ में 647 भूखंड दिए जाएंगे। इसके बाद किसान इनका नक्शा पास कराके निर्माण कर सकेंगे।
जीडीए ने वर्ष 2004 में छह गांव की करीब 1,234 एकड़ जमीन पर मधुबन बापूधाम योजना लॉन्च की थी, जिसमें से 800 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। फिर 153 एकड़ और मिल गई और इसे भी विकसित किया। जबकि बची हुई 281 एकड़ जमीन के किसान सुप्रीम कोर्ट चले गए।
साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अंत में जीडीए ने नए भू अधिग्रहण कानून के तहत 281 एकड़ जमीन के किसानों को मुआवजा देते हुए जमीन का अधिग्रहण किया। इस फैसले के बाद 800 एकड़ जमीन के किसान भी नए भू अधिग्रहण कानून के तहत बढ़े मुआवजे की मांग कर रहे हैं। साथ ही सभी किसान जमीन दिए जाने की एवज में मिलने वाले भूखंडों की भी मांग कर रहे हैं।
अब जीडीए सभी किसानों को उनकी जमीन की एवज में नियमानुसार भूखंड देगा। जीडीए अधिकारी बताते हैं कि इन भूखंड का लाटरी ड्रा दो दिन निकाला जाएगा। पहले दिन छोटे भूखंड का, जबकि दूसरे दिन 200 वर्ग मीटर से अधिक बड़े भूखंड का ड्रा निकला जाएगा। इस ड्रॉ से किसानों का फायदा होगा। करीब 15 साल से भूखंड का इंजतार भी उनका खत्म हो जाएगा।
योजना में दो तरह के किसान
जानकार बताते हैं कि 800 एकड़ वाले किसानों को विकसित जमीन की छह फीसदी जमीन दी जाएगी,जबकि 281 एकड़ वाले किसानों को विकसित जमीन की दस फीसदी जमीन मिलेगी। जीडीए ने दस फीसदी जमीन वाले किसानों से सहमति भी ले ली है।
हिंदी भवन में ड्रॉ का आयोजन होगा
किसानों के भूखंड देने के लिए हिंदी भवन में ड्रॉ दो दिन होगा। 27 नवंबर को होने वाले ड्रॉ में 40, 60, 90 और 150 वर्गमीटर के भूखंड के आवंटी किसान शामिल होंगे। इसके अलावा 28 नवंबर को 200 वर्गमीटर से लेकर दो हजार वर्गमीटर तक के भूखंडों का ड्रॉ आयोजित होगा। ड्रॉ के अनुसार जिस किसान को जिस स्थान पर भूखंड मिलेगा, उसे वहीं अलॉट कर दिया जाएगा।
जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा, मधुबन बापूधाम योजना को तेजी से विकसित किया जा रहा है। इस योजना में जिन किसानों की जमीन ली गई, उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। साथ ही किसानों को भूखंड भी दिए जा रहे हैं।





