गाजियाबाद की इस कॉलोनी में दूर होगी पेयजल समस्या, 38 करोड़ के काम से 10 लाख लोगों को फायदा होगा

Mar 09, 2026 08:44 am ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान/गाजियाबाद
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गाजियाबाद की इस कॉलोनी में पेयजल संकट दूर होने वाला है। इसके लिए 38 करोड़ से अधिक का बजट मंजूर हुआ है। इससे कॉलोनी में रहने वाले करीब 10 लाख लोगों को फायदा होगा। बजट स्वीकृत होने के कारण इस पर काम भी शुरू करा दिया गया है।

गाजियाबाद की इस कॉलोनी में दूर होगी पेयजल समस्या, 38 करोड़ के काम से 10 लाख लोगों को फायदा होगा

गाजियाबाद की इस कॉलोनी में पेयजल संकट दूर होने वाला है। इसके लिए 38 करोड़ से अधिक का बजट मंजूर हुआ है। इससे कॉलोनी में रहने वाले करीब 10 लाख लोगों को फायदा होगा। बजट स्वीकृत होने के कारण इस पर काम भी शुरू करा दिया गया है।

पेयजल संकट से जूझ रहे खोड़ा के दस लाख लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। इसके लिए 38 करोड़ से अधिक का बजट स्वीकृत हुआ है। खोड़ा में वर्षों से लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है और ट्यूबवेल भी खराब पड़े हैं, जिसके कारण नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही। इसे देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने संबंधित विभागों को योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे।

जिलाधिकारी के मुताबिक योजना तैयार होने के बाद बजट की स्वीकृति के लिए शासन को फाइल भेजी गई थी। इस पूरी योजना को शासन ने स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए अलग-अलग मद से बजट की व्यवस्था की गई। जिलाधिकारी के मुताबिक कुल 38 करोड़ से अधिक का बजट इस योजना के लिए विभिन्न मदों से स्वीकार हुआ है। बजट स्वीकृत होने के कारण इस पर काम भी शुरू करा दिया गया है।

जिलाधिकारी के अनुसार सबसे पहले 15वें वित्त आयोग से 18 करोड़ 30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इस राशि से साढ़े आठ लाख लीटर क्षमता का अंडरग्राउंड वाटर टैंक बनाया जाएगा। इसके अलावा 40-40 एचपी के चार ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे और आठ वार्डों में नई पानी की पाइपलाइन डाली जाएगी। इसके साथ ही राज्य वित्त आयोग से 5.36 करोड़ रुपये विकास कार्य के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत दो वार्डों में पानी की पाइपलाइन बिछाई जाएगी और दो वार्डों में 40-40 एचपी के ट्यूबवेल की रिबोरिंग कराई जाएगी।

इसके अतिरिक्त एक करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से तीन नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। शासन स्तर पर वार्ता करने पर अन्य कई मदों से इस योजना के लिए 15 करोड़ सात लाख की अतिरिक्त स्वीकृति मिली है। इस राशि से दो ट्यूबवेल की रिबोरिंग कराई जाएगी और पांच वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि खोड़ा क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। यहां लंबे समय से लोग पानी की समस्या से परेशान थे। इसी को देखते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बजट स्वीकृत कराया गया और कार्यों को तेजी से शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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