बीवी बच्चों के बिना नहीं रह सकता; मायके से नहीं लौटी पत्नी तो पति ने लगा ली फांसी
गाजियाबाद के प्रीत विहार कॉलोनी में शुक्रवार को एक शख्स ने पत्नी के दो साल से मायके से न लौटने पर दीवार पर सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट में ससुर पर पत्नी को न भेजने का आरोप लगाया गया है।

गाजियाबाद के प्रीत विहार कॉलोनी में शुक्रवार को एक शख्स ने पत्नी के दो साल से मायके से न लौटने पर दीवार पर सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट में ससुर पर पत्नी को न भेजने का आरोप लगाया गया है। मूलरूप से दिल्ली के करावल नगर अंकुर एनक्लेव के रहने वाले 32 वर्षीय अर्जुन की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले बुलंदशहर, कल्याणपुर गांव में रहने वाली कविता के साथ हुई थी। शादी के बाद से अर्जुन पत्नी कविता के साथ अंकुर विहार थाना क्षेत्र की प्रीत विहार कॉलोनी में रहने लगा। दोनों को दो साल का बेटा है।
भाई सुमित ने बताया कि अर्जुन बाइक टैक्सी चलाता था और शराब पीने का आदी था। इसके चलते दंपति में अक्सर विवाद होता रहता था। गृहक्लेश के चलते भाई की पत्नी पिछले दो साल से मायके में रह रही थी। भाई पत्नी और बच्चे को लेने कई बार ससुराल गया, लेकिन पत्नी नहीं आई। इसके बाद शुक्रवार को कमरे की दीवार पर सुसाइड नोट लिखकर छत में लगे कुंदे से फंदा लगा लिया। आसपास के लोगों ने उन्हें मामले की जानकारी दी। सूचना पर वह दूसरे भाई वरुण के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों की सहायता से भाई को फंदे से उतारकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
दीवार पर लिखा सुसाइड नोट
कमरे की दीवार पर लिखा है कि मेरा नाम अर्जुन है। मैं अपनी बीवी बच्चों के बिना नहीं रह सकता। मेरा ससुर मेरे बीवी बच्चों को नहीं भेज रहा है। इसीलिए मैं सुसाइड कर रहा हूं। वहीं, एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने शव को फंदे से उतार लिया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों द्वारा मामले में शिकायत नहीं दी गई है। दीवार पर लिखे सुसाइड नोट की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।
विस्तृत बायो
डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।
अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।
उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।
तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।
और पढ़ें

