पति ने 7 दिन पहले रची थी पत्नी-बेटियों को मारने की साजिश, गाजियाबाद डबल मर्डर केस में बड़ा खुलासा
मीट कारोबारी राजा अंसारी ने पूरी प्लानिंग के साथ पत्नी और बेटी की हत्या को अंजाम दिया था। उसने 7 दिन पहले ही इसकी साजिश रच ली थी। वह दोनों बेटियों को मारना चाहता था, लेकिन छोटी बेटी किसी तरह से बच गई।

गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में पत्नी और बेटियों की हत्या की साजिश राजा ने अचानक ही नहीं रची, वह सात दिन से ऐसा करने की फिराक में था। पुलिस को उसने बताया कि वह घरेलू कलह और पत्नी के बार-बार रुपये मांगने से परेशान था। इसके चलते उसने पत्नी और बेटियों समेत पूरा परिवार खत्म कर जेल जाने के बारे में सोच लिया था।
पत्नी ने शुक्रवार रात दवा लेने के लिए कहा तो उसने विवाद ज्यादा नहीं बढ़ाया ताकि वह सो जाए। वहीं, जब उसे लगा कि पत्नी सो गई है, तब उसने रसोई से चाकू लाकर पत्नी का गला रेत दिया। राजा अंसारी का परिवार इमारत चौथी मंजिल पर बने फ्लैट में रहता है, जो उसके ससुर जमील ने दिलाया था। परिवार को खत्म करने का जुनून उसके सिर पर इस कदर सवार था कि उसने बेटियों के प्रति भी नरमी नहीं दिखाई। पत्नी और बड़ी बेटी की गला काटकर हत्या करने में राजा अंसारी ने पूरी बेरहमी की थी। पत्नी और बेटी के गले की हड्डी तक कट गई थी और दोनों शव पूरी तरह से लहूलुहान थे।
मां की चीख सुनकर कमरे में पहुंची थीं बेटियां
चीखने-चिल्लान की आवाज सुनकर जब पड़ोसी फ्लैट में पहुंचे तो मंजर बेहद डरावना था। फर्श पर जगह-जगह खून फैला हुआ था और खून से सना आरोपी हाथ में छुरा लेकर खड़ा था। यह देखकर पड़ोसी भी डर गए थे, लेकिन आरोपी ने उन पर हमला नहीं किया। एक पड़ोसी ने दौड़कर पास में स्थित बीरबल चौकी गया और एक ने डायल-112 पर वारदात की सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने राजा को हिरासत में ले लिया। पुलिस के आने के बाद जोया बाहर आई और पुलिस को पूरी घटना बताई। उसने बताया कि मम्मी-पापा के कमरे से चीखने की अजीब सी आवाज आने पर दोनों बहनें कमरे में गई थीं।
पत्नी को छोड़ बेटियों पर किया हमला
जोया ने बताया कि पापा छुरे से मम्मी का गला काट रहे थे, उन्होंने मम्मी को बचाने का प्रयास किया तो पापा ने मम्मी को छोड़कर उन पर हमला कर दिया। बड़ी बहन सीढ़ियों के नीचे छिप गई थी, पापा ने उसे पीछे पकड़ा और उसका भी गला काट दिया। वह बुरी तरह से डर गई और घर से बाहर की ओर भागी।
जोया को बचाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ती रही मां
राजा ने जिस बेरहमी से पत्नी और बेटियों पर हमला किया, उसको देख सभी लोग हैरान थे। मगर राजा के अचूक हमलों के बाद भी बेबी अंतिम सांस तक उसका मुकाबला करती रही। मरते हुए भी वह अपनी छोटी बेटी को दूसरा जन्म दे गई। राजा ने जब जोया पर भी हमला किया तो लहूलुहान बेबी ने उसका पैर पकड़ लिया। पहला वार जोया को लगा, लेकिन इसके बाद वह भाग गई। मरणासन्न हालत में भी बेबी दोनों हाथों से उसके पैर पकड़े रही। इस बीच जोया को दरवाजा खोलने का समय मिला और दरवाजा खोलते ही सामने तैय्यब और रफीक मिले, जिनके पीछे छिपकर उसने अपनी जान बचाई। गली की महिलाओं का कहना था कि मां तो मां ही होती है। खुद मर गई, लेकिन अपनी हिम्मत से एक बेटी का जीवन बचा गई।


