
गाजियाबाद के चप्पे-चप्पे पर रहेगी 'तीसरी' नजर! सुरक्षा के लिए लगेंगे नए हाईटेक कैमरे
गाजियाबाद नगर निगम ने शहर की सुरक्षा और पार्कों की निगरानी के लिए 350 अत्याधुनिक कैमरे लगाने का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है, जिसे जनवरी तक पूरा कर पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्ट कर दिया जाएगा।
गाजियाबाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 350 अत्याधुनिक कैमरे लगाने का काम शुरू हो गया है। नगर निगम ने कैमरे लगाने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। जनवरी तक कैमरे लगाने का काम पूरा हो जाएगा।
पुलिस नगर निगम के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में जुटी है। इसके लिए नगर निगम शहर में हर प्रमुख स्थानों पर कैमरे लगा रहा है। इससे पहले निगम ने डेढ़ हजार से ज्यादा निजी सीसीटीवी कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा है। यह सभी कैमरे लोगों के घर के बाहर, प्रतिष्ठान, मॉल आदि जगह लगे हैं। कैमरों की मदद से नजर रखी जा रही है। इसके अलावा निगम ने शासन को शहर में 350 सीसीटीवी कैमरे लगाने की डीपीआर भेजी थी।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि कैमरे लगाने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि नगर निगम सिटी जोन में 26, विजयनगर जोन में 12, कविनगर जोन में 21, मोहननगर जोन में 19 और वसुंधरा जोन में 25 स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे।
इन पार्कों में लगाए जाएंगे
हिंडन ईको, साईं उपवन, सुभाष चंद्र बोस, गीता, डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, राजनगर सेक्टर-4 सामुदायिक केंद्र, कलाधाम, खजूर वाला, वसुंधरा सेक्टर-6 आदर्श पार्क और विजयनगर सेक्टर-9 साउथ साइड स्वामी विवेकानंद समेत अन्य पार्कों में कैमरे लगेंगे।
अलग है यह योजना
यह योजना आईटीएमएस से अलग है। आईटीएमएस के तहत 41 चौराहों पर 800 कैमरे लग चुके हैं। जनवरी में आईटीएमएस से यातायात व्यवस्था शुरू हो जाएगी। इसके बाद कैमरों की मदद से यातायात के नियम तोड़ने पर वाहनों के चालान किए जाएंगे।
40 से अधिक स्पीड कैमरे लगाए जाएंगे
ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट इलाके की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की गति तय की जाएगी। प्रथम चरण में 40 से अधिक स्पीड कैमरे लगाए जाएंगे। इसमें ट्रैफिक पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। एक्सप्रेसवे को छोड़कर शहर की बाकी सड़कों पर गति की सीमा तय नहीं है। सेफ सिटी और आधुनिक यातायात प्रबंधन परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा में कैमरे लगाने के लिए आगे आई रेलटेक कंपनी ने गुरुवार को अपना प्रस्तुतिकरण व डेमो दिया। लाइव डेमो कर यह दिखा गया कि कैसे काम करेंगे। वहीं दो कंपनियों एल एंड टी टेक्नोलॉजी सर्विसेज व एनईसी द्वारा पूर्व में डेमो व प्रस्तुतिकरण दिया जा चुका है।





