वह तबस्सुम नहीं, 16 साल की साली अंजलि थी; गाजियाबाद कांड खुल रहे पिता चेतन के कई राज
गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों के 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने के मामले में पुलिस ने सोमवार शाम चेतन के ससुर, साली और साढ़ू से पूछताछ की। कई घंटे तक अलग-अलग सवाल पूछे गए।

गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों के 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने के मामले में पुलिस ने सोमवार शाम चेतन के ससुर, साली और साढ़ू से पूछताछ की। कई घंटे तक अलग-अलग सवाल पूछे गए। तीनों ने बताया कि साल 2018 में मरने वाली चेतन की साली 16 वर्षीय आंचल थी, जबकि चेतन और तीनों पत्नियों ने उसे चेतन की प्रेमिका तबस्सुम बताया था।
अभी तक की जांच में पता चला है कि बच्चियां पिता के करीब थीं। हादसे के बाद चेतन के बारे में एक के एक बाद कई चौंकाने वाली बातें पता चलीं और सगे संबंधियों के ही विरोधाभासी बयानों ने पुलिस को और उलझा दिया। इसीलिए पुलिस अब चेतन की जिंदगी के पन्ने खोल रही है, ताकि कहीं कोई चूक न रह जाए। उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाने की शुरुआत कर दी गई है। खजूरी में कहां रहते थे, कितनी पढ़ाई की, पहली, दूसरी, तीसरी शादी कैसे की और कितनी महिलाओं से संबंध रहे, कहां-कहां रहे, क्या काम किया, कहां नौकरी की, बच्चियों के साथ कैसे संबंध थे जैसी और भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाना शुरू कर दिया है।
भारत सिटी सोसाइटी के नौवें तल स्थित चेतन के फ्लैट की खिड़की से उनकी बेटी 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी ने कूदकर जान दे दी थी। हादसे के बाद से ही पिता ने कहा कि बेटियां कोरियन गेम और कोरियन कल्चर की आदी थीं और स्कूल नहीं जाती थीं। दो सप्ताह पहले उन्होंने फोन छीन लिया था, जिससे नाराज होकर उन्होंने खुदकुशी कर ली। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में भी कोरियन कल्चर से प्रभावित होने की बात लिखी थी।
वह तबस्सुम नहीं आंचल थी
पुलिस ने सोमवार को चेतन के ससुर दिलीप, साली शालू और साढ़ू विष्णु से पूछताछ की। शाम से देर रात तक पूछताछ हुई। तीनों ने चेतन की पहली और दूसरी शादी को लेकर वही बात दोहराई, जो चेतन ने बताई थी। मगर साल 2018 में चेतन के दूसरे घर की बालकनी से गिरकर मरने वाली लड़की के बारे में कहा कि वह 16 वर्षीय आंचल थी, जो चेतन की साली यानी दिलीप की बेटी थी। वह निशिका के जन्मदिन की पार्टी में गई थी। बालकनी से कपड़े उतारने के दौरान पैर फिसलने से गिरने के बाद मौत हुई थी। वहीं, चेतन और उसकी तीनों पत्नियों का कहना था कि राजेंद्रनगर वाले फ्लैट में साल 2018 में उसकी लिव-इन पार्टनर की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। वह मुस्लिम थी, जिसका नाम तबस्सुम था।
टीना के परिजनों को भी बुलाएगी पुलिस
जितने ज्यादा लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है, यह गुत्थी उतनी ही उलझती जा रही है। अब पुलिस चेतन की तीसरी पत्नी टीना के परिजनों से पूछताछ करेगी। चेतन व तीनों पत्नी तबस्सुम को टीना का रिश्तेदार बता रहे हैं। ऐसे में उसके परिजनों को भी ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि इसे सुलझाया जा सके।
बैंक खातों की जानकारी नहीं मिली
हादसे के बाद चेतन पर कर्ज की बात सामने आई तो पुलिस ने तुरंत उसके बैंक खातों की जानकारी ली थी। अधिकारियों का कहना है कि बैंकों से खाते की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन अब तक नहीं मिली। हालांकि, पुलिस यह स्पष्ट रूप से नहीं बता रही कि चेतन के कितने बैंक खातों के बारे में पता चला और उनकी पत्नी के भी बैंक खातों का पता लगाया गया है या नहीं। मोबाइलों की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी दो सप्ताह बाद आएगी और लिखावट का मिलान होने में दो माह तक का वक्त लग सकता है। डीसीपी निमिष पाटील ने कहा कि बैंक खातों की जानकारी जल्द देने के लिए कहा है। फोन को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। चेतन के ससुर दिलीप के बयान दर्ज होने पर आगे की जांच की जाएगी।
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
15 सालों का अनुभव
सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।
विश्वसनीय खबरों का लेखन
सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।
शिक्षा और सम्मान
सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।
विशेषज्ञता
राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप



