चेतन और 3 पत्नियों के 6 बैंक खातों से सामने आ गई उनकी असली हालत

Feb 14, 2026 07:32 am ISTSudhir Jha हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
share Share
Follow Us on

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली 3 नाबालिग बहनों के परिवार की आर्थिक स्थिति का पता चल गया है। पुलिस ने माता-पिता के छह बैंक खातों की पड़ताल की है।

चेतन और 3 पत्नियों के 6 बैंक खातों से सामने आ गई उनकी असली हालत

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली 3 नाबालिग बहनों के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। चेतन और उसकी तीन पत्नियों के कुल छह बैंक खातों की जांच के बाद सामने आया कि परिवार 2 साल से तंगहाली में जी रहा था। कभी कोई लोन, कभी किसी से उधार तो कभी छोटी-मोटी आमदनी से जैसे-तैसे चेतन गुजारा कर रहा था। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि 16 से 12 साल की इन बच्चियों ने किस हालात में इतना खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया।

गाजियाबाद में टीला मोड़ थानाक्षेत्र की भारत सिटी सोसाइटी में 3 फरवरी की रात 3 नाबालिग बहनों के 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। सुसाइड नोट्स से लड़कियों के कोरियन गेम्स और कल्चर से प्रभावित होने की बात सामने आई थी। वह पिता से अक्सर कोरिया ले जाने की जिद करती थीं। यह भी सामने आया कि चेतन ने बेटियों के दो फोन बेच दिए थे। पुलिस परिवार की स्थिति का पता लगाने के लिए बच्चियों के पिता और माताओं के सभी बैंक खातों को खंगाला।

खातों में 2 साल से ट्रांजैक्शन नहीं

पुलिस को छह बैंक खातों की जानकारी मिली, लेकिन किसी भी खाते में पिछले दो साल से कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है। बच्चियों के पिता के खाते में 37 हजार रुपये हैं। तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में पुलिस की जांच अब अंतिम दिशा की ओर बढ़ रही है। पुलिस को परिवार को छह बैंक खातों की जानकारी मिली। इनमें से तीन खाते बच्चियों के पिता चेतन, दो खाते मां सुजाता और एक खाता टीना के नाम पर है।

कभी करोड़ों थे, अब खाली खाते

बैंक ऑफ बड़ौदा का डीमेट खाता चालू है। उस खाते में 30 हजार रुपये रखना अनिवार्य है और खाते में 37 हजार रुपये हैं। इस खाते में पिछले दो साल के दौरान छोटे-छोटे कुछ स्थानांतरण पुलिस को मिले हैं, लेकिन कोई बड़ा ट्रांजैक्शन पुलिस को नहीं मिला। चेतन यह बैंक खाता सितंबर 2007 से संचालित है। इस खाते में कुछ समय पहले तक करोड़ों का ट्रांजैक्शन हुआ था। वहीं, सुजाता के कोटेक महिंद्रा और एचडीएफसी के दो बैंक खाते काफी पहले बंद हो चुके हैं। हिना का कोटक महिंद्रा बैंक में एक खाता है, जिसमें महज 39 पैसे हैं। जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि चेतन ने वर्ष 2016 से अब तक क्रेडिट कार्ड और बैंकों से दस लोन लिए हैं। यह लोन दो से तीन लाख रुपये तक के हैं। सभी लोन वह समय से चुका रहा है।

चेतन उधार मांग कर चला रहा था घर

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन पिछले काफी समय से केवल शेयर ट्रेडिंग का ही काम कर रहा था। उसके प्रॉपर्टी डीलिंग, वाहनों की खरीद-फरोख्त के कारोबार बंद थे। शेयर ट्रेडिंग भी वह किसी दलाल के जरिए कर रहा था, जिससे उसे कुछ आय होती थी। जांच में यह भी पता चला कि वह अपने भाई विष्णु से भी अक्सर रुपये उधार मांगा करता था। इसके अलावा भाई मासिक तौर पर उसे घर खर्च के लिए कुछ रुपये देता था। चेतन रिश्तेदारों और कारोबारी परिचितों से भी उधार मांगने लगा था।

Sudhir Jha

लेखक के बारे में

Sudhir Jha

सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)


सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।


15 सालों का अनुभव

सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।


विश्वसनीय खबरों का लेखन

सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।


शिक्षा और सम्मान

सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।


विशेषज्ञता

राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप

और पढ़ें
;;;