
नोएडा में हत्या मामले में एक ही परिवार के 5 सदस्यों को उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया
गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय ने 2020 के हत्या मामले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 34-34 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई, जिसमें लाइसेंसी बंदूक से गोली मारी गई थी।
गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय ने हत्या के मामले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को दोषी ठहराते हुए मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी पर 34-34 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एडीजीसी क्राइम नितिन त्यागी ने बताया कि घटना 29 जून 2020 की है। वादी बाबूराम ने कासना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि भतीजा सोनू बिलासपुर से अपने गांव नियाना लौट रहा था। रास्ते में जसमाल और उसके पुत्र राजकुमार के अलावा राजकुमार के पुत्र निशांत ने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रखी थी। सोनू ने रास्ता देने को कहा तो सभी ने गाली-गलौज की और रास्ता देने से इनकार कर दिया। विरोध पर उससे मारपीट की गई। किसी तरह सोनू बचकर घर पहुंचा और अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। सोनू की बात सुनकर वादी के भाई राजेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह और देवेंद्र सिंह शिकायत करने जसमाल के घर पहुंचे।
वहां पहले से मौजूद राजकुमार, निशांत और मोंटी ने उनसे भी गाली-गलौज शुरू कर दी। इस बीच जसमाल ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकालकर निशांत को दे दी और राजकुमार की पत्नी निरोज ने घर से दो फरसे निकालकर अपने पति राजकुमार और पुत्र मोंटी को थमा दिए। निशांत ने बंदूक से बिजेंद्र पर गोली चलाई, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। वहीं, राजकुमार और मोंटी ने फरसे से राजेंद्र, बिजेंद्र और देवेंद्र पर हमला कर दिया। गोली लगने से बिजेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजेंद्र सिंह और देवेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद ग्रामीणों के शोर मचाने पर जसमाल, राजकुमार, निशांत, मोंटी और निरोज धमकी देते हुए फरार हो गए। जिला अदालत ने मामले में अमीनाबाद उर्फ नियाना गांव निवासी जसमाल उनके पुत्र राजकुमार, पुत्र वधु निरोज और पौते निशांत उर्फ निशु और मोंटी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।





