स्पाई कैमरे से रिकॉर्डिंग, फिर उगाही; दिल्ली में पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल करने वाला गैंग बेनकाब

Feb 17, 2026 04:32 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान भाषा, नई दिल्ली
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दिल्ली में यातायात पुलिसकर्मियों को फर्जी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूली करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया और इस सिलसिले में कथित महिला सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

स्पाई कैमरे से रिकॉर्डिंग, फिर उगाही; दिल्ली में पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल करने वाला गैंग बेनकाब

दिल्ली में यातायात पुलिसकर्मियों को फर्जी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूली करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया और इस सिलसिले में कथित महिला सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।पुलिस के अनुसार, 19 जनवरी को दिल्ली यातायात पुलिस के एक अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।

एक अधिकारी ने कहा, “शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर उनका आपत्तिजनक और फर्जी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे 1.2 लाख रुपये की उगाही की गई।”

अधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम ने 10 फरवरी को हरियाणा के समालखा निवासी 32 वर्षीय महिला, जिसे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है, को उसके सहयोगियों सचिन (35) और आमिर चौधरी के साथ गिरफ्तार किया। दोनों क्रमश: हरियाणा और दिल्ली के रहने वाले हैं।

अधिकारी के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि यह महिला पहले अशोक कुमार नामक व्यक्ति द्वारा संचालित एक गिरोह से जुड़ी थी, जो इस तरह के अपराध को अंजाम देता था। दिसंबर 2025 में अशोक की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद महिला ने इस तरह के आपराधिक गतिविधि को अपना अलग गिरोह बनाकर स्वतंत्र रूप से अंजाम देना शुरू किया।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह यातायात चालान की कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों को निशाना बनाता था और छिपे हुए 'स्पाई कैमरों' से उनकी आधिकारिक बातचीत रिकॉर्ड करता था। यह फुटेज सह-आरोपी सुमित को भेजी जाती थी, जो वीडियो को संपादित कर उसे भ्रामक वीडियो में तब्दील कर देता था, ताकि दुराचार का आभास हो।

इसके बाद इन कथित तौर पर छेड़छाड़ किए गए वीडियो के जरिए पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने और झूठी शिकायतें दर्ज कराने की धमकी दी जाती थी। वीडियो हटाने और सार्वजनिक न करने के बदले पैसे की मांग की जाती थी।

पुलिस ने बताया कि आमिर को अप्रैल 2025 में अपराध शाखा द्वारा दर्ज इसी प्रकार के एक अन्य मामले में पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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