
यमुना सिटी में बनेगा गामा रेडिएशन सेंटर, 12 तरह की ये लैब भी होंगी स्थापित
यमुना सिटी के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क (एमडीपी) में गामा रेडिएशन सेंटर और 12 प्रकार की प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। लैब के संचालन, उपकरण के रखरखाव के लिए निजी एजेंसी का चयन होगा।
यमुना सिटी के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क (एमडीपी) में गामा रेडिएशन सेंटर और 12 प्रकार की प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। लैब के संचालन, उपकरण के रखरखाव के लिए निजी एजेंसी का चयन होगा।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारी ने बताया कि 8 जनवरी को मुंबई में गामा रेडिएशन सेंटर को विकसित करने के लिए परमाणु ऊर्जा से जुड़ी संस्था बोर्ड ऑफ रेडिएशन एंड आइसोटोप टेक्नोलॉजी (ब्रिट) के साथ साझेदारी की जाएगी।
ब्रिट संस्था गामा रेडिएशन सेंटर को तकनीकी और सुरक्षा मानकों में विशेषज्ञता देगा। गामा रेडिएशन सेंटर बनाना महंगा होता है। इसकी लागत और मॉडल पर साझेदारी से काम होगा, ताकि यह आर्थिक रूप से टिकाऊ और मजबूत रहे। ब्रिट की साझेदारी से यह सेंटर परमाणु ऊर्जा मानकों के अनुरूप और तकनीकी रूप से मजबूत बनेगा।
मेडिकल डिवाइस पार्क में छह कॉमन साइंटिफिक फैसिलिटी सेंटर्स (सीएसएफ) बनाए जा रहे हैं। यह सभी निर्माणाधीन हैं। इनमें से सीएसएफ-1 से पांच का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही प्रशासनिक भवन का काम भी पूरा हो गया है, जबकि गामा रेडिएशन और बायो मैटेरियल टेस्टिंग फैसिलिटी (सीएसएफ-6) की योजना शुरू हुई है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल डिवाइस पार्क में 100 से अधिक भूखंडों का आवंटन हो चुका है।
ये प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी
● 3डी डिजाइन, रेपिड प्रोटोटाइपिंग एंड टूलिंग लैब
● इंटरनेट ऑफ मेडिकल टेक्नोलॉजी
● इलेक्ट्रॉनिक एसेंबली फैसिलिटी
● बायो मेटिरियल टेस्टिंग फैसिलिटी
● कॉमन आईटी फैसिलिटी
● कॉमन टूलिंग रूम
● इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम एंड डिजाइन फैसिलिटी
● मैकाट्रॉनिक जोन
● इलेक्ट्रॉनिक कैलिब्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी
● सेंसर टेस्टिंग एंड इंटीग्रेशन फैसिलिटी
● डिजिटल डिस्पले जोन
● एआईएमएल एंड कंप्यूटिंग
क्या है गामा रेडिएशन सेंटर
गामा रेडिएशन सेंटर एक ऐसी सुविधा है, जहां उच्च-ऊर्जा वाली गामा किरणों का उपयोग विभिन्न चिकित्सा, अनुसंधान और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर का इलाज, डेटा का विश्लेषण और प्रयोग है।
शैलेंद्र भाटिया, अपर मुख्य कार्यपालक, यीडा, ''एमडीपी के स्टेक हॉल्डर्स को लेकर बैठक हुई थी। इसमें लैब संचालन को लेकर निजी एजेंसी के चयन पर सहमति बनी। साथ ही 8 जनवरी को मुंबई में गामा रेडिएशन सेंटर के लिए ब्रिट के साथ समझौता भी होगा।''





