
दिन में फलवाला और रात में लुटेरा, दिल्ली में पकड़ा गया मामू गैंग का गैंगस्टर
संक्षेप: दिल्ली पुलिस ने एक शातिर लुटेरे को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि यह लुटेरा दिन में फल की दुकान चलाता था, और रात को बैंक लूटता था। आरोपी की पहचान 51 साल के कमरुल उर्फ मामू के रूप में हुई है।
दिल्ली पुलिस ने एक शातिर लुटेरे को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि यह लुटेरा दिन में फल की दुकान चलाता था और रात को बैंक लूटता था। आरोपी की पहचान 51 साल के कमरुल उर्फ मामू के रूप में हुई है। कमरुल उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि कमरुल फल की रेहड़ी लगाकर रेकी करता था और रात को बैंक का ताला तोड़कर लूट को अंजाम देता था।

इस मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा ने बताया कि कमरुल ही कुख्यात मामू गैंग का सरगना है। उन्होंने बताया कि मामू गैंग कई राज्यों में बैंक डकैती को अंजाम दे चुका है। इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बीते 5 नवंबर को सूचना मिली थी कि कमरुल पश्चिमी दिल्ली के महावीर एन्क्लेव इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाया और कमरुल को दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ करने के बाद आरोपी ने कई राज्यों में संगठित रूप से बैंक लूटने की घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल की है।
कर्नाटक में भी जारी था वारंट
पुलिस ने कमरुल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसके खिलाफ 18 अक्टूबर, 2025 को कर्नाटक में गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ 1996 से लेकर अब तक 10 से अधिक अपराधिक केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि कमरुल पिछले 30 सालों से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। डीसीपी हर्ष इंदोरा ने बताया कि गिरोह के सदस्य घटना को अंजाम देने के बाद अलग-अलग शहरों में चले जाते थे, ताकि उन्हें ट्रैक ना किया जा सके। फिलहाल पुलिस ने उनके नेटवर्क की पहचान कर ली है और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है।





